सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के आदेशानुसार दिनांक 15 सितम्बर 2025 को श्री शैलेन्द्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा जिला कारागार, सोनभद्र का निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री अरुण कुमार मिश्र, जेलर श्री अरविन्द्र कुमार सिन्हा एवं अन्य कारागार कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय जेल में कुल 804 बंदी निरुद्ध थे, जिनमें 618 विचाराधीन बंदी एवं 186 सिद्धदोष बंदी सम्मिलित थे।
निरीक्षण के दौरान सिद्धदोष बंदियों से एक-एक कर उनकी सजा एवं अपील संबंधी जानकारी ली गई और उन्हें बताया गया कि यदि वे निजी अधिवक्ता रखने में सक्षम न हों तो जेल अधीक्षक के माध्यम से अपील योजित कर सकते हैं। साथ ही जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों की सूचना संबंधित न्यायालय को नियमानुसार दी जाए।
विचाराधीन बंदियों से उनके मुकदमों की प्रगति, नियमित पेशी, जमानत और विधिक सहायता संबंधी प्रश्न किए गए। बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं NALSA द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
निरीक्षण के दौरान पाकशाला, पाठशाला, नव निर्मित महिला बैरक, पुरुष बैरक, चिकित्सालय एवं लीगल एड क्लीनिक का भी अवलोकन किया गया। बैरकों में साफ-सफाई, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं गर्मी से बचाव की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। बंदियों ने किसी विशेष समस्या की शिकायत नहीं की। हालांकि कुछ कमियों के सुधार हेतु जेल अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान चल रहे “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान (01 जुलाई से 30 सितम्बर 2025)” के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि न्यायालय में लंबित वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी प्रकरण, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, भूमि अधिग्रहण एवं अन्य उपयुक्त सिविल वादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है। अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर बंदियों को इसका लाभ दिलाने हेतु कारागार प्रशासन को निर्देशित किया गया। इस संबंध में जानकारी श्री शैलेन्द्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा दी गई।
![]()











