अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने हाल ही में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति की मध्य पूर्व यात्रा और कूटनीतिक पहल के बिना हालिया शांति प्रयास संभव नहीं हो पाते। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा के दौरान क्षेत्रीय साझेदारों के साथ व्यक्तिगत और घनिष्ठ संबंध बने, जिसने सभी आगे की कूटनीतिक उपलब्धियों की नींव रखी।
रुबियो ने कहा कि यह मोड़ करीब एक महीने पहले आया, जब संयुक्त राष्ट्र में ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सिर्फ अरब देशों को ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के मुस्लिम बहुल देशों को भी शामिल किया गया, जिसमें इंडोनेशिया और पाकिस्तान भी थे। इस गठबंधन ने ट्रंप की शांति योजना के पीछे समर्थन जुटाया। इसके बाद अगले सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने इस्राइल के प्रधानमंत्री से मुलाकात की और इस योजना को प्रस्तुत किया गया।
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ट्रंप-नेतन्याहू को फोन कर PM मोदी ने गाजा में शांति पर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की है। उन्होंने गाजा में शांति समझौते की बधाई देते हुए ट्रंप की शांति योजना को ऐतिहासिक बताया। दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने नेतन्याहू को भी फोन किया। बता दें कि इस्राइली सरकार की ओर से समझौते के अनुमोदन के बाद गाजा में योजना पूरी तरह लागू हो जाएगी।
पश्चिम एशिया के लिए ट्रंप की शांति योजना पर समझौते का स्वागत: मोदी
इससे पहले प्रधानमंत्री ने बृस्पतिवार की सुबह भी पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए किए गए समझौते का स्वागत किया था। ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते के तहत इस्राइल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने का फैसला किया है। यह समझौता दो साल से जारी विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने की शुरुआत माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से इसके लिए प्रयास किए जा रहे थे। अब समझौते को लागू करने पर बनी सहमति को सबसे बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
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20 जीवित बंधकों को रिहा करेगा हमास
हमास इस सप्ताहांत सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा करेगा, जबकि इस्राइली सेना गाजा के अधिकांश हिस्से से पीछे हटना शुरू करेगी। हालांकि कई सवाल अभी भी बने हुए हैं, लेकिन इस समझौते से ऐसा लगता है कि दोनों पक्षों ने युद्ध समाप्त करने की दिशा में महीनों में सबसे ज्यादा प्रगति की है। दो साल के युद्ध में हजारों फिलिस्तीनियों की जानें गई हैं, गाजा का अधिकांश हिस्सा तबाह हो गया है और मध्य पूर्व में अन्य संघर्ष भी भड़के हैं।
यह समझौता मिस्र में कई दिनों की वार्ता के बाद हुआ, जो ट्रंप समर्थित शांति योजना पर आधारित थी। ट्रंप की उम्मीद है कि इससे अंततः स्थायी शांति स्थापित होगी और क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता आएगी।











