क्लोरीन गैस रिसाव की काल्पनिक घटना पर प्रशासन व उद्योगों ने दिखाई तत्परता
रेणुकूट/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनपद सोनभद्र में स्थित रसायन आधारित औद्योगिक इकाइयों में संभावित दुर्घटनाओं एवं आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को सुबह 11:20 बजे ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, केमिकल डिवीजन, रेणुकूट परिसर में वार्षिक मॉक रिहर्सल (आपदा अभ्यास) का आयोजन किया गया। यह अभ्यास स्थानीय प्रशासन सोनभद्र के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक निदेशक, कारखाना श्री नवदीप श्रीवास्तव द्वारा की गई।
मॉक रिहर्सल की पूर्व तैयारियां इकाई प्रमुख श्री मनीष गर्ग के मार्गदर्शन में की गईं। इस दौरान सहायक निदेशक, कारखाना श्री नवदीप श्रीवास्तव, मानव संसाधन प्रमुख श्री राजीव दुबे तथा संरक्षा प्रबंधक श्री जुगराज सिंह भदौरिया ने आपातकालीन स्थिति से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में जिला संकट समूह के सदस्य, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी, पत्रकार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जिला आपदा प्रबंधन एवं क्लोरीन गैस से संबंधित तकनीकी जानकारी श्री राजन पाठक (एफएच-टेक्निकल) द्वारा साझा की गई। मॉक रिहर्सल का संचालन ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेणुकूट के संरक्षा अधिकारी श्री अरविंद कुमार शुक्ला ने किया।
मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक दुर्घटना का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्रीराम मंदिर (आंवला वाटिका) के पास दो ट्रकों की टक्कर से 900 किलोग्राम क्षमता के दो क्लोरीन टनर सड़क पर गिरने एवं उनके वाल्व से गैस रिसाव होने की स्थिति दर्शाई गई। हवा की दिशा में गैस के तेजी से फैलने की आशंका को भी अभ्यास में शामिल किया गया।

सूचना मिलते ही ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की प्रशिक्षित आपातकालीन टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सड़क के दोनों ओर यातायात रोका गया तथा क्लोरीन गैस रिसाव को नियंत्रित करने की कार्रवाई की गई। साथ ही घटना की सूचना जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष को दी गई। संयुक्त प्रयासों से अल्प समय में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया।
इस अभ्यास के दौरान सहायक निदेशक, कारखाना (वाराणसी क्षेत्र) के निर्देशन में आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी कार्यवाहियां सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। मॉक ड्रिल के पश्चात सहायक निदेशक श्री नवदीप श्रीवास्तव ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों को एमएएच उद्योगों के बारे में जागरूक करना, हवा की दिशा की जानकारी देना तथा रसायन परिवहन करने वाले वाहन चालकों को प्रशिक्षण देना अत्यंत आवश्यक है।

लगभग 11:41 बजे स्थिति सामान्य होने के बाद उपस्थित नागरिकों को अवगत कराया गया कि यह एक मॉक रिहर्सल थी। इसके पश्चात आपदा की स्थिति में क्या करें और क्या न करें, इसकी विस्तृत जानकारी देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
मॉक ड्रिल के पश्चात धन्यवाद ज्ञापन श्री राकेश कुमार (डीएच-ईआर) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में श्री विवेक गुप्ता, श्री अधिराज मोहन राय, श्री पी.सी. मौर्य, श्री विनय यादव, श्री राकेश मिश्रा, डॉ. अनिल त्रिपाठी, श्री राजेश सिंह, श्री आदर्श कुमार, श्री शिवेंद्र सिंह, श्री केशरी त्रिपाठी सहित ग्रासिम, हिंडाल्को, एनटीपीसी, ओएमएएल एवं अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अनेक अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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