सेना की सलामी और तिरंगे के साथ दी गई अंतिम श्रद्धांजलि, हर वर्ग ने किया नमन
जौनपुर/एबीएन न्यूज। मड़ियाह क्षेत्र के ग्राम पन्द्रपुर, बरसठी निवासी एवं भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी रमेश चंद्र यादव के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। 66 वर्षीय रमेश चंद्र यादव का स्वर्गवास दिनांक 20 जनवरी 2026 को सायं 6 बजे एपेक्स अस्पताल, वाराणसी में हो गया। जैसे ही उनके निधन की सूचना पैतृक गांव पहुंची, घर-परिवार सहित पूरे गांव में शोक व्याप्त हो गया।
रमेश चंद्र यादव भारतीय नौसेना में चीफ पेटी ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवा निवृत्ति के बाद उन्होंने जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई और वार्ड संख्या 51, जौनपुर से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए। वे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ एवं कर्मठ कार्यकर्ता रहे तथा संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए जनहित के कार्यों में सदैव अग्रणी रहे।
उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए राजनीतिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का तांता लग गया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री राकेश कुमार मौर्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, जिला पंचायत सदस्य, समाजवादी पार्टी के महासचिव राजदेव पाल, भदोही के पूर्व सचिव लालचंद्र पाल, मड़ियाह के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अभिमन्यु यादव, परसल ग्राम प्रधान श्यामजी, भौराठ ग्राम प्रधान लालचंद्र यादव, पूर्व विधायक एवं वर्तमान विधायक रागिनी सोनकर के पिता कैलाश सोनकर सहित अनेक गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की।

समाजवादी पार्टी की ओर से उनके पार्थिव शरीर पर पार्टी का झंडा भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया, जो उनके राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान का प्रतीक रहा। उल्लेखनीय है कि रमेश चंद्र यादव, निरीक्षक जगदीश चंद्र यादव के बड़े भाई थे।
श्रद्धांजलि देने वालों में ग्राम प्रधान रूपचंद्र यादव, पूर्व प्रधान मनोज यादव, महमदपुर ग्राम प्रधान इंद्र बहादुर उर्फ लल्लू यादव, प्रधानाध्यापक गुलाब चंद्र, सचिव महेंद्र यादव, चंद्रभान यादव, डॉ. शिवबली यादव, प्रधानाध्यापक अच्छेलाल, पुलिस विभाग के कई अधिकारी तथा पूर्व जिला जज महेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
उनके सम्मान में मणिकर्णिका घाट पर सेना की 39वीं जीटीसी की एक टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर 39वीं जीटीसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर जगदीप चंद्र ने राष्ट्रीय तिरंगा उनके पुत्र रंजीत यादव को ससम्मान भेंट किया। सेना की सलामी और तिरंगे के साथ दी गई यह अंतिम विदाई उनके जीवन की राष्ट्रसेवा और समाजसेवा को अमर बना गई।
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