यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ आक्रामक युद्ध के मामले में विशेष ट्रिब्यूनल (विशेष अदालत) बनाने में हो रही देरी को लेकर यूरोप पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में बहुत देर हो रही है और यूरोप इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहा।
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जेलेंस्की ने यह बात स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के मंच से कही। उन्होंने कहा, अक्सर यूरोप में न्याय से ज्यादा किसी और चीज को जरूरी मान लिया जाता है। उनका इशारा इस बात की तरफ था कि रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय अदालत में एक विशेष ट्रिब्यूनल बनाने की बात तो बहुत समय से चल रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी ठोस काम शुरू नहीं हुआ।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, रूस के आक्रमण और यूक्रेनी जनता के खिलाफ हुए अपराधों के लिए अब तक कोई असली प्रगति नहीं हुई है। बहुत सी बैठकें हुई हैं, लेकिन आज तक उस ट्रिब्यूनल के लिए न तो कोई ठिकाना तय हुआ है, न स्टाफ, और न ही कोई वास्तविक काम शुरू हुआ है। जेलेंस्की ने सवाल उठाया, कमी किस चीज की है, समय की या फिर राजनीतिक इच्छाशक्ति की? हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के बाद यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी को लेकर जो सहयोग चल रहा है, उसके लिए वे अपने सहयोगी देशों के आभारी हैं।
ट्रंप और जेलेंस्की की अहम मुलाकात
दावोस में जेलेंस्की की मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बंद कमरे में हुई। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार ने कहा कि यह एक अच्छी बैठक रही। इस बैठक के बाद ट्रंप ने भी कहा, मीटिंग अच्छी रही, लेकिन युद्ध खत्म होने में अभी वक्त लगेगा। युद्ध को हर हाल में खत्म होना चाहिए। बहुत लोग मारे जा रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की बातचीत अब बस एक मुद्दे पर आकर अटकी हुई है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के मुताबिक वह मुद्दा जमीन या इलाकों से जुड़ा है। यानी कौन सा इलाका किसके पास रहेगा, यही सबसे बड़ा विवाद है।
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पुतिन से बातचीत की तैयारी
अब ट्रंप प्रशासन के अधिकारी अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की तैयारी कर रहे हैं। मकसद है युद्धविराम (सीजफायर) का रास्ता निकालना। ट्रंप ने कहा, यह एक चलती हुई प्रक्रिया है। हर कोई चाहता है कि यह युद्ध खत्म हो।
ट्रंप ने लॉन्च किया बोर्ड ऑफ पीस
दावोस में ट्रंप ने एक नई पहल की शुरुआत भी की, जिसका नाम है बोर्ड ऑफ पीस। उन्होंने इसके चार्टर पर हस्ताक्षर किए और इसे दुनिया में शांति लाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। ट्रंप ने कहा, आज का दिन बहुत खास है। हम दुनिया में शांति लाने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा,एक साल पहले दुनिया आग में जल रही थी, लेकिन अब हालात शांत हो रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि उनका प्रशासन इस समय आठ युद्धों को खत्म करने की कोशिश कर रहा है और यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर भी काफी प्रगति हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल में वे रूस के राष्ट्रपति पुतिन जैसे ताकतवर नेताओं को भी शामिल करना चाहते हैं, क्योंकि जो ताकत रखते हैं और काम कर सकते हैं, उन्हें साथ लाना जरूरी है।
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