कुछ गाने होते हैं जो सुनते ही शोर को चुप करा देते हैं और दिल के किसी कोने में चुपचाप जगह बना लेते हैं. ‘चांद मेरा दिल’ भी बिल्कुल वैसा ही गीत है. यह गाना प्यार को किसी बड़े वादे या नाटकीय अंदाज़ में नहीं, बल्कि बेहद सादगी और सच्चाई के साथ पेश करता है. इसमें वो एहसास है, जो बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कह जाता है. इस गाने की धुन नर्म है, जैसे रात में चांदनी धीरे-धीरे दिल पर उतर रही हो. संगीत सुनते हुए ऐसा लगता है मानो किसी ने अपने जज़्बातों को बहुत संभलकर आपके सामने रख दिया हो. बोल सीधे दिल से निकलते हैं और सुनने वाले को अपनी किसी अधूरी या खामोश मोहब्बत की याद दिला देते हैं.गाने के विजुअल्स भी इसी भावना को आगे बढ़ाते हैं. किरदारों की आंखों में झलकता प्यार, उनकी खामोशी और छोटे-छोटे हाव-भाव गाने को और भी इंसानी बना देते हैं. यहां दिखावा नहीं, सिर्फ एहसास है. ‘चांद मेरा दिल’ उन लोगों के लिए है, जिन्होंने कभी प्यार को महसूस किया है—खामोशी में, दूरी में या किसी याद के सहारे. यह गाना खत्म होने के बाद भी दिल में देर तक ठहरा रहता है, बिल्कुल किसी मीठी सी याद की तरह. इस गानों को मोहम्मद रफी ने आवाज दी है.
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