गोरखपुर के शाहपुर इलाके की रहने वाली राखी श्रीवास्तव उर्फ राजेश्वरी की कहानी एक मरीज के इलाज से शुरू होकर हत्या की साजिश तक पहुंच गई। पिता हरिराम श्रीवास्तव के इलाज के दौरान राजेश्वरी का आना-जाना गोरखपुर के चिकित्सक डॉ. डीपी सिंह के अस्पताल में होने लगा। यहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता धीरे-धीरे अवैध संबंध में बदल गया।

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आरोपी डॉ. डीपी सिंह और मृतक रेखा श्रीवास्तव
– फोटो : अमर उजाला
गुपचुप शादी और छुपाई सच्चाई
साल 2011 में डॉ. डीपी सिंह और राजेश्वरी ने गोंडा में चुपचाप शादी कर ली, जबकि डॉक्टर की पहली पत्नी उषा सिंह को इसकी भनक तक नहीं थी। इस रिश्ते से एक बेटी भी हुई, जिसकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसी बीच उषा सिंह ने डॉक्टर पर रेप और अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया, जिससे मामला और उलझता चला गया।

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आरोपी डॉ. डीपी सिंह और मृतक रेखा श्रीवास्तव
– फोटो : अमर उजाला
मकान, पैसे और बढ़ता ब्लैकमेल
डॉ. डीपी सिंह ने राजेश्वरी को गोरखपुर के सरस्वतीपुरम, बिछिया इलाके में एक मकान भी दिलाया। लेकिन समय के साथ यह रिश्ता भरोसे से ब्लैकमेल में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, राजेश्वरी डॉक्टर को लगातार ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठ रही थी। यही दबाव आगे चलकर उसकी जान का दुश्मन बन गया।

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मृतक रेखा श्रीवास्तव
– फोटो : अमर उजाला
दूसरी शादी के बाद भी नहीं टूटा रिश्ता
फरवरी 2018 में राजेश्वरी की शादी मनीष कुमार श्रीवास्तव से हो गई, लेकिन इसके बाद भी डॉ. डीपी सिंह से उसका संपर्क बना रहा। यह सिलसिला डॉक्टर के लिए परेशानी का सबब बन गया। पुलिस का दावा है कि इसी से छुटकारा पाने के लिए हत्या की साजिश रची गई।

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मृतक रेखा श्रीवास्तव
– फोटो : अमर उजाला
नेपाल यात्रा और रची गई मौत की स्क्रिप्ट
साल 2018 में नेपाल भ्रमण के दौरान राजेश्वरी का अपहरण कर कास्की जिले के सारंगकोट क्षेत्र में उसकी हत्या कर दी गई। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे पहाड़ से गिरकर हुई मौत बताया, लेकिन नेपाल सरकार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस कहानी को झूठा साबित कर दिया।
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