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बॉलीवुड की ‘रंगीला गर्ल’ ने महज तीन साल की उम्र में बाल कलाकार के रूप में अपना सफर शुरू किया और ‘सत्या’ व ‘पिंजर’ जैसी फिल्मों के जरिए अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया, लेकिन उनके करियर का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब उन्होंने शोहरत के शिखर पर होते हुए फिल्मों से दूरी बना ली. अपने करियर के पीक पर शांति और निजी जीवन को अहमियत दी. उन्होंने ग्लैमर की दुनिया छोड़ी और साल 2016 में शादी के बाद राजनीति में भी कदम रखा.
एक्ट्रेस की निजी जिंदगी सुर्खियों में रही.
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के इतिहास में सफलता के शिखर पर पहुंचकर उसे अपनी इच्छा से त्याग देना किसी भी कलाकार के लिए सबसे कठिन फैसलों में से एक होता है. 4 फरवरी 1974 को मुंबई में जन्मीं उर्मिला मातोंडकर एक ऐसा ही नाम हैं, जिन्होंने शोहरत और लोकप्रियता के चरम पर होने के बावजूद ग्लैमर की दुनिया से एक गरिमामय दूरी बना ली. उर्मिला का अभिनय सफर महज तीन साल की उम्र में फिल्म ‘कर्म’ से बतौर बाल कलाकार शुरू हुआ था. इसके बाद ‘मासूम’ जैसी फिल्मों में उनके मासूम चेहरे और सहज अभिनय ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया, लेकिन यह तो उनके उस शानदार करियर की सिर्फ एक छोटी सी शुरुआत थी, जो आगे चलकर बॉलीवुड की परिभाषा बदलने वाली थी.
उर्मिला के करियर को साल 1995 में आई राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘रंगीला’ ने एक नई दिशा दी. आमिर खान और जैकी श्रॉफ जैसे दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद उर्मिला अपनी बेबाक अदाकारी और स्टाइल के दम पर रातों-रात नेशनल क्रश बन गईं. ‘रंगीला’ ने न केवल उन्हें ‘रंगीला गर्ल’ के रूप में एक नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के पुरस्कारों से भी नवाजा गया. इस फिल्म की सफलता के बाद उर्मिला ने कमर्शियल सिनेमा के साथ-साथ ‘सत्या’, ‘कौन’ और ‘पिंजर’ जैसी फिल्मों के जरिए अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया. एक दौर वह भी था जब अपनी जबरदस्त डिमांड के चलते उर्मिला कई फिल्मों में अपने समकालीन अभिनेताओं से भी कहीं अधिक फीस वसूलती थीं.
निजी जिंदगी को दिया महत्व
उर्मिला मातोंडकर के करियर का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब उन्होंने बिना किसी असफलता या दबाव के खुद को फिल्मी चकाचौंध से दूर कर लिया. जिस दौर में अन्य अभिनेत्रियां अपने करियर को विस्तार देने की जद्दोजहद में लगी रहती हैं, उर्मिला ने मानसिक शांति और अपनी निजी जिंदगी को महत्व दिया. उनका यह निर्णय किसी मजबूरी का परिणाम नहीं, बल्कि एक सजग चुनाव था. उन्होंने साबित किया कि सफलता केवल कैमरे के सामने रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी शर्तों पर जीवन जीना भी एक बड़ी उपलब्धि है. उनके इस फैसले ने फिल्म जगत के जानकारों और प्रशंसकों को हैरान कर दिया था, लेकिन उर्मिला अपने स्टैंड पर अडिग रहीं.
राजनीति के अखाड़े में भी कदम रखा
फिल्मी पर्दे से विदा लेने के बाद उर्मिला ने अपनी निजी जिंदगी को संवारने पर ध्यान दिया और साल 2016 में कश्मीरी बिजनेसमैन और मॉडल मोहसिन अख्तर मीर के साथ शादी कर ली. उन्होंने राजनीति के अखाड़े में भी कदम रखा और सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी. हालांकि राजनीति की राह उनके लिए फिल्मों जितनी सफल साबित नहीं हुई, लेकिन उन्होंने अपनी स्वतंत्र पहचान और नजरिये से कभी समझौता नहीं किया. आज उर्मिला मातोंडकर का नाम उन चंद अभिनेत्रियों में शुमार है, जिन्होंने न केवल अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज किया, बल्कि यह भी दिखाया कि करियर के पीक पर आकर भी खुद के लिए सही रास्ता चुनना कितना जरूरी है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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