हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन के उर्जा ठिकानों पर हमले किए हैं। जिसके बाद यूक्रेन ने भी आरोप लगाया है कि रूसी मिसाइलें और ड्रोन गैरकानूनी तरीके से उनके उर्जा ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। यूक्रेन का आरोप है कि उनके ऊर्जा ठिकानों, पावर ग्रिड पर हमले के चलते देश की अब तक की सबसे ठंडी सर्दियों में से एक में लोग अंधेरे और ठंड में रहने को मजबूर हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को कहा, ‘सर्दियों के सबसे ठंडे दिनों का फायदा उठाकर लोगों को डराना रूस के लिए कूटनीति से ज्यादा जरूरी है।’ वहीं रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य अभियान का एक वैध हिस्सा हैं। तो क्या युद्ध के दौरान ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की अनुमति है? आइए जानते हैं क्या कहता है कानून-
क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय कानून?
सिएरा लियोन के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेष न्यायालय के पूर्व मुख्य अभियोजक डेविड क्रेन ने बताया कि युद्ध के दौरान पक्ष कानूनी रूप से पावर ग्रिड को निशाना बना सकते हैं, लेकिन हमला सीधे तौर पर एक वैध सैन्य लक्ष्य को प्रभावित करने वाला होना चाहिए और इसमें ज्यादा नागरिक हताहत नहीं होने चाहिए।
रूस ने कानून के उल्लंघन की बात नकारी
- रूसी सेना ने बार-बार कहा है कि उसने एनर्जी सुविधाओं और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है जो यूक्रेनी सैन्य उद्योग और सशस्त्र बलों को समर्थन करते हैं।
- साथ ही रूस ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने से इनकार किया है।
- रूस ने कहा, ‘हमारी सेना उन ठिकानों पर हमला कर रही है, जो यूक्रेन सरकार के सैन्य परिसरों से जुड़े हैं, ऑपरेशन जारी है।’
कीव का आरोप- रूस, यूक्रेनी लोगों का हौसला तोड़ना चाहता है
- वहीं कीव का आरोप है कि रूस अंधेरे, ठंडे घरों में रहने को मजबूर आम नागरिकों पर भारी मुश्किलों का बोझ डालकर यूक्रेनियन लोगों का लड़ने का हौसला तोड़ना चाहता है।
- अधिकारियों का कहना है कि रूस ने पावर प्लांट में सबस्टेशन, ट्रांसफार्मर, टर्बाइन और जनरेटर को निशाना बनाकर यूक्रेन के बिजली नेटवर्क को पंगु बनाने की कोशिश की है।
- यूक्रेन की सबसे बड़ी प्राइवेट पावर कंपनी, डीटीईके ने कहा कि इस हफ्ते रात भर हुआ हमला अक्टूबर के बाद से कंपनी के थर्मल पावर प्लांट पर नौवां बड़ा हमला था।
- वर्ल्ड बैंक, यूरोपियन कमीशन और यूनाइटेड नेशंस के एक अनुमान के मुताबिक, यूक्रेन के एनर्जी सेक्टर को सीधे युद्ध में 20 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
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