उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि हिमाचल प्रदेश में कफ सिरप का निर्माण करने वाली दो कंपनियां फर्जी फर्मों को बेचे गए सिरप का हिसाब नहीं दे पा रही हैं। उन्होंने लाखों बोतल सिरप गैरकानूनी तरीके से बेच डाला। इससे सरकार को भी लाखों रुपये राजस्व की हानि हुई। ईडी के अधिकारी इन कंपनियों के खिलाफ अब तक पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं कराने को लेकर हैरत में हैं।
दरअसल, ईडी की जांच में पता चला है कि हिमाचल प्रदेश की फार्मा कंपनियों ने सिर्फ वाराणसी में ही 500 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के सिरप की आपूर्ति की है। जब उनसे बिक्री से संबंधित डाटा मांगा गया तो उपलब्ध कराने में असफल रहे। वहीं रिकॉर्ड में भी लाखों बोतलों की हेराफेरी सामने आई है। हालांकि अभी तक ईडी के अधिकारी कंपनियों के प्रबंधन पर शिकंजा नहीं कस पाए हैं।
इसकी वजह पुलिस द्वारा अब तक कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करना है। अब ईडी आरोपियों के बयानों के आधार पर कंपनियों पर शिकंजा कसने की कवायद में जुटा है। इनमें दो कंपनियों में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा पाया गया है। इसके प्रबंधन से जुड़े लोगों को भी पूछताछ के लिए तलब किया जा रहा है।










