रमजान महीने में इस बार 29वां रोजा सबसे लंबा होगा। इसकी अवधि करीब 13 घंटे 33 मिनट रहेगी। अगर 17 फरवरी को चांद नजर आता है, तो पहला रोजा 18 फरवरी को होगा, वर्ना पहला 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा। ऐसे में इस बार रमजान में पांच जुमे पड़ सकते हैं। 30 रोजा होने पर 21 मार्च को ईद होगी।
18 को चांद होने पर पहले रोजा का सहरी का वक्त सुबह 5:25 बजे होगा। इफ्तार का वक्त शाम 6:13 बजे होगा। 29वां रोजा का सहरी का वक्त सुबह 5:02 बजे, इफ्तार शाम 6:31 बजे होगा। हाफिज चौधरी इब्राहीम हुसैन ने बताया कि कुरआन की दूसरी आयत सूरह अल बकरा में रोजे को फर्ज बताते हुए उसकी अहमियत बताई गई है। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने बताया कि यह इबादत सब्र और परहेजगारी का महीना है, जिसमें हर बुरे काम से दूर रहकर नेक काम जैसे सदका-जकात (दान) करना होता है।
चांद दिखते ही शुरू होगी तरावीह की नमाज
रमजान का चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। इसके लिए हाफिजों के नाम तय हो गए हैं। मस्जिद में रंग-रोगन का काम पूरा हो गया है।