गायत्री डेवलपवेल कंपनी के निदेशक हरिओम दीक्षित की मुश्किलें और बढ़ेंगी। प्रशासन ने निदेशक से जुड़ी 100 करोड़ रुपये से अधिक बाजार मूल्य की कुर्क संपत्तियों को नीलाम करने की तैयारी में है। नोएडा सेक्टर-1 में 70,771 वर्गमीटर में फैले गायत्री ओरा, एपेक्स ओरा और गायत्री हॉस्पिटैलिटी एंड रीयलकॉन अपार्टमेंट को 24 जनवरी को सील किया गया था। इन संपत्तियों की नीलामी से प्राप्त राशि से उन घर खरीदारों का बकाया चुकाया जाएगा, जो वर्षों से अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने का इंतजार कर रहे हैं।
भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में गायत्री डेवलपवेल के विभिन्न प्रोजेक्ट्स के खिलाफ आगरा के 20 से अधिक निवेशकों ने शिकायत की थी। इस पर जिलाधिकारी ने 2019 में 18 रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किए थे। बिल्डर ने सात खरीदारों की रकम तो चुका दी, लेकिन 11 खरीदारों के 4.08 करोड़ रुपये डकार लिए। आरसी जारी होने के बाद से ही हरिओम दीक्षित पिछले सात साल से पुलिस-प्रशासन को छका रहा था। आखिरकार, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी पोर्टल खंगालने पर प्रशासनिक टीम को नोएडा स्थित इन कीमती संपत्तियों का सुराग मिला।
एसडीएम सदर सचिन राजपूत के नेतृत्व में राजस्व टीम ने नोएडा में तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को कुर्क किया था। कुर्की की कार्रवाई के बाद दबाव में आए बिल्डर ने मात्र 40 लाख रुपये ही जमा कराए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि पूरा बकाया तत्काल नहीं चुकाया गया, तो नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि कुर्क संपत्तियों की नीलामी से प्राप्त राशि घर खरीदारों को दी जाएगी। नियम के मुताबिक, इन संपत्तियों को बिल्डर या उसके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं खरीद सकेगा।
कई थानों में दर्ज हैं प्राथमिकी
निदेशक हरिओम दीक्षित के खिलाफ धोखाधड़ी की सिकंदरा और हरीपर्वत समेत विभिन्न थानों में आधा दर्जन से अधिक प्राथमिकी दर्ज हैं। कई मामलों में पुलिस चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है, लेकिन अपने रसूख के चलते बिल्डर अब तक गिरफ्तारी से बचता रहा है।
दागी बिल्डरों पर चलेगा प्रशासन का हंटर
प्रशासन ने अब अन्य दागी बिल्डरों के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को मेसर्स द्वारिका रेजीडेंसी के निदेशक शशांक पाठक की मौजा मोहम्मदपुर स्थित द क्राउन फेज-1 में 4.461 हेक्टेयर संपत्ति कुर्क की। इस संपत्ति का बाजार मूल्य 25 करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है।










