बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। करीब 3 वर्ष 11 माह पूर्व 10 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी विजय उर्फ टीपू साहनी (27) को दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत ने निर्देश दिया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अर्थदंड की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित को प्रदान किए जाएंगे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना चोपन क्षेत्र के निवासी पीड़ित के पिता ने 21 मार्च 2022 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया गया कि 20 मार्च 2022 की शाम लगभग 7 बजे आरोपी विजय उर्फ टीपू साहनी पुत्र बाले साहनी, निवासी कुरहुल, थाना चोपन, जिला सोनभद्र, उनके 10 वर्षीय पुत्र को चना के खेत में बुलाकर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया।
पीड़ित बालक ने घर लौटकर घटना की जानकारी अपनी मां को दी, जिसके बाद पिता को अवगत कराया गया और थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। तहरीर के आधार पर चोपन पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं, 8 गवाहों के बयान दर्ज किए तथा पत्रावली का अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की कठोर कैद एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।
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