कानपुर में डिग्री खरीद फरोख्त मामले में शक के दायरे में आए अधिवक्ता शमशाद अली से पुलिस जल्द ही पूछताछ करेगी। इसके लिए उसे दोबारा थाने लाया जाएगा और उसके बयान लिए जाएंगे। पिछली बार पुलिस उसे किदवईनगर थाने नेकर आई थी, तो महापौर के बेटे अनुराग और अन्य अधिवक्ता छुड़ा ले गए थे। शमशाद के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में धोखाधड़ी की भी रिपोर्ट दर्ज है।
किदवईनगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही कलां स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन कार्यालय में दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके से उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों की एक हजार से ज्यादा मार्कशीट और डिग्री बरामद हुईं थीं। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना रायबरेली के ऊंचाहार निवासी शैलेंद्र कुमार ओझा, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद निवासी जोगेंद्र तथा शुक्लागंज निवासी अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर 19 फरवरी को जेल भेजा था।
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