नई दिल्ली. अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की कल्ट फिल्म शोले की रिलीज को 50 साल हो चुके हैं. इस मूवी ने हर पीढ़ी के दर्शकों को इम्प्रेस किया है. शोले में हेमा मालिनी ने बसंती का किरदार निभाया था, जो आज भी उनके सबसे आइकॉनिक रोल्स में से एक माना जाता है. हालांकि, शुरुआत में वह इस रोल को लेकर हिचकिचा रही थीं, क्योंकि उन्हें लगा कि किरदार बहुत छोटा है.
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में
हेमा मालिनी ने खुलासा किया कि रमेश सिप्पी ने उन्हें यह भूमिका स्वीकार करने के लिए इस तरह मनाया कि अगर उन्होंने ये फिल्म नहीं की, तो उन्हें पछताना पड़ेगा. एक्ट्रेस ने कहा, ‘जब पहली बार यह फिल्म मुझे ऑफर की गई, तो मैं बहुत उत्साहित नहीं थी. मैंने उनसे यहां तक पूछ लिया, क्या आप सच में मुझे एक तांगेवाली का रोल दे रहे हैं? इतना छोटा रोल? देखिए, मैंने उनके साथ पहले अंदाज और सीता और गीता जैसी फिल्मों में काम किया था, जिनमें मेरा डबल रोल था.’
बहुत छोटा लगा था बसंती का रोल
हेमा मालिनी ने आगे बताया, ‘जब उन्होंने कहा कि इस फिल्म में बहुत सारे आर्टिस्ट हैं और तुम भी उनमें से एक किरदार निभा रही हो, तो मुझे लगा कि यह छोटा रोल है. मैंने कहा कि यह मुझे इंस्पायर नहीं कर रहा. लेकिन उन्होंने मेरी तरफ देखा और कहा कि बस हां कह दो. नहीं तो तुम्हें पछताना पड़ेगा. मैंने वही किया और मैं आज शुक्रगुजार हूं कि मैंने उनकी बात मानी.’
मुश्किल था बसंती का रोल निभाना
बसंती का किरदार निभाना आसान नहीं था हेमा मालिनी ने याद करते हुए कहा, ‘मैं थोड़ी कन्फ्यूज थी कि डायलॉग्स कैसे बोलूं? फिर जावेद (अख्तर) मेरे साथ बैठे, उन्होंने सीन सुनाया और खुद उसे एक्ट करके दिखाया. मैंने बस उनके बोलने का तरीका पकड़ा और उसमें अपनी स्टाइल जोड़ दी. बस वहीं से वो किरदार वैसा बन गया जैसा आज लोग जानते हैं. आज भी लोग मेरे पास आते हैं और बसंती के डायलॉग्स दोहराते हैं. उन्हें देखकर बहुत खुशी होती है और वही मुझे भी खुशी देता है.’
आइकॉनिक बन गया बसंती का किरदार
हेमा मालिनी ने कहा, ‘किसे पता था कि बसंती का किरदार इतना आइकॉनिक बन जाएगा? जब भी मैं किसी इवेंट में जाती हूं, तब तक मंच से नहीं उतर सकती जब तक कि मैं बसंती का कोई डायलॉग न बोल दूं. आज भी उसकी दीवानगी बरकरार है. बसंती अपने समय से बहुत आगे थी, एक लड़की जो तांगा चलाती है, वह एक सेल्फ-मेड महिला थी.’
बसंती ने अपने तरीके से जी जिंदगी
उन्होंने आगे बताया, ‘बसंती ने अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी. वह बिल्कुल अकेली थी, फिर भी खुद का ध्यान खुद रखती थी. यही बात इस किरदार को खास बनाती है. आज भी जब मैं उसके बारे में सोचती हूं, तो मुझे लगता है कि वह सच में वही दर्शाती है जिसे आज हम आत्मनिर्भर कहते हैं. इस लिहाज से, वो अपने समय से काफी आगे थी और सोचिए, उस समय तो मुझे यह भी अंदाजा नहीं था कि ये बात एक दिन इतनी महत्वपूर्ण हो जाएगी.’
50 साल पहले रिलीज हुई थी ‘शोले’
बताते चलें कि एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘शोले’ 15 अगस्त साल 1975 में रिलीज हुई थी. इसमें अमजद खान, सचिन पिलगांवकर, जया बच्चन और संजीव कुमार जैसे सितारे अहम किरदारों में थे. इसकी कहानी सलीम-जावेद की जोड़ी ने मिलकर लिखी थी.