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वो हसीन दिलरूबा जिन्होंने फिल्मों में काम तो किया लेकिन भाई और मां जैसा रुत्बा हासिल नहीं कर पाईं. पहली फिल्म के लिए काफी पापड़ भी बेले थे. मगर अंत में रानी मुखर्जी को वो फिल्म मिल गई थी.
फिल्मों की जर्नी आसान नहीं होती. बेशक वो स्टारकिड हो या आउटसाइडर. ये कहानी है एक स्टारकिड की, जो बड़े खानदान से ताल्लुक रखती हैं. इनके भाई भी सुपरस्टार हैं तो मां भी सालों तक हिंदी सिनेमा पर राज कर चुकी हैं. मगर इसके बावजूद वह हिट न हो सकीं. लगा तो हमेशा फ्लॉप का ही तमगा. चलिए मिलवाते हैं इस हसीन दिलरुबा से. (Insta@sakpataudi)

ये कोई नहीं बल्कि रईस व पटौदी खानदान की संतान सोहा अली खान हैं जिनकी फैमिली का इतिहास में नाम दर्ज है. भाई सैफ अली खान कई दशक से बॉलीवुड में काम कर रहे हैं तो मां शर्मिला टैगोर के काम से भला कौन वाकिफ नहीं होगा. वह करियर में राजेश खन्ना से लेकर अमिताभ बच्चन संग स्क्रीन शेयर कर चुकी हैं. (Insta@sakpataudi)

स्टारकिड होने के बावजूद सोहा अली खान इंडस्ट्री में अपने पैर नहीं जमाई पाईं. एक दिलचस्प बात ये है कि वह कभी प्राइवेट जॉब किया करती थीं और प्रेशर में उन्होंने डेब्यू किया था. (Insta@sakpataudi)

‘माशाबेल इंडिया’ के साथ इंटरव्यू में सोहा अली खान ने खुलासा किया था कि उन्हें पहली फिल्म में रानी मुखर्जी ने रिप्लेस कर दिया था. इससे पहले वह एक बैंक में नौकरी किया करती थीं. उन्होंने डेब्यू के प्रेशर में अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी थी. मगर बाद में पता चला कि उनके हाथ से फिल्म भी निकल गई है. (Insta@sakpataudi)

सोहा अली खान ने कहा था, ‘पहली फिल्म के लिए मैंने अपनी सिटीबैंक की नौकरी को छोड़ा था. जबकि मुझे अपना किराया भरने के लिए 17 हजार रुपये देने होते थे. मैं बैंक में काम के बदले अच्छी सैलरी पाती थी. मेरे अपने प्लान थे कि मुझे नौकरी करनी है और लंदन में रहना है. मैं सोचा करती थी कि मुझे लंदन में ही रहना है कमाना और फिर सैटल हो जाना है.’ (Insta@sakpataudi)

आगे वह बताती हैं, ‘फिर अमोल पालेकर मेरे पास आए और मुझे स्क्रिप्ट के बारे में बताया. मुझे कुछ फिल्में तब लगातार ऑफर हो रही थीं. क्योंकि मैं सैफ अली खान की बहन और मेरी मां शर्लिमा टैगोर हैं.लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि एक एक्ट्रेस बनने के लिए आखिर करना क्या पड़ता है व क्या स्किल्स होनी चाहिए.’ (Insta@sakpataudi)

फिर क्या अमोल पालेकर जैसे नाम को सोहा अली खान मना नहीं कर पाईं. बाद में फिल्ममेकर ने उनसे कहा कि उन्हें अपनी नौकरी छोड़नी पड़ेगी ताकि वह फिल्म के लिए कुछ महीने दे सकें. इस तरह सोहा अली खान ने फिल्म के लिए हां कह दिया और जॉब छोड़ दी. (Insta@sakpataudi)

सोहा ने बताया कि अमोल इस फिल्म के लिए एक नए एक्टर को लॉन्च करने का प्लान कर रहे थे. इस बारे में कोई कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं हुआ था लेकिन जरूर शुरू हो चुका था. मगर सोहा नई नई थीं तो उन्हें कुछ बातों का पता नहीं था कि जबतक कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं हो जाता तो कुछ भी हो सकता है. बस फिर वही हुआ जो नहीं होना चाहिए था. (Insta@sakpataudi)

सोहा अली खान ने बताया कि कैसे फिर उन्हें उस फिल्म से निकाल दिया गया. उन्होंने कहा था, ‘अमोल पालेकर ने मुझे फोन किया. मुझे बताया कि हमने शाहरुख खान को फाइनल किया है इस रोल के लिए. मैं ये सुनकर खुश हो गई कि पहली फिल्म में उनके साथ काम करने का मौका मिलेगा. मगर फिर अमोल ने मुझसे कहा कि अरे तुम समझ नहीं रही हो. इसका मतलब ये हुआ कि तुम अब ये रोल नहीं कर पाओगी. मैं ये सुनते ही शॉक्ड हो गई. मैं सोच रही थी कि मैंने नौकरी तक छोड़ दी. मैं कैसे किराया भरूंगी. फिर बाद में वो रोल रानी मुखर्जी को मिला.’ (Insta@sakpataudi)

ये फिल्म साल 2005 में आई पहेली थी जिसमें रानी और शाहरुख लीड रोल में नजर आए थे और अमोल पालेकर ने डायरेक्शन किया था. (Insta@sakpataudi)

इस तरह डेब्यू से पहले ही सोहा अली खान को बॉलीवुड से एक बड़ा झटका मिला था. इसके बाद सैफ की बहन ने अंजन दास के डायरेक्शन में बनी एक बंगाली फिल्म इति श्रीकांता साइन की. (Insta@sakpataudi)

फिर उन्होंने बॉलीवुड में दिल मांगे मोर से डेब्यू किया जिसमें शाहिद कपूर, आयशा टाकिया और ट्यूलिप जोशी थे. हालांकि ये फिल्म फ्लॉप रही. सोहा ने फिर रंग दे बसंती में काम किया. (Insta@sakpataudi)

आगे चलकर साहेब, बीवी और गैंगस्टर, घायल अगेन जैसी फिल्मों में काम किया. मगर वह भाई और मां जैसा रुत्बा कायम नहीं कर पाईं और उन्हें फ्लॉप ही कहा गया. (Insta@sakpataudi)
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