बस्ती जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक मां की ममता और अस्मत, एक दरिंदे की हवस और धमकियों के आगे हार गई. कलवारी थाना क्षेत्र में एक हिंदू महिला ने आरोपी अली हुसैन की प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया. इस घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मृत महिला के कमरे से उसके पति को एक किताब भी मिली है, जिस पर तोता मैना का किस्सा लिखा हुआ है. आरोप है कि इसी तरह को किताबों के जरिए तंत्र मंत्र कर महिला को अपना शिकार बनाया.
जानकारी के मुताबिक, मामला कलवारी थाना क्षेत्र का है. आरोप है कि अली हुसैन नाम के युवक ने करीब तीन साल पहले महिला का एक अश्लील वीडियो चोरी-छिपे बना लिया था. इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वह पिछले तीन साल से महिला का शारीरिक शोषण कर रहा था. आरोप है कि महिला के साथ उसके ही बच्चों के सामने आरोपी रेप करता था, मृतक महिला की बेटी ने आरोप लगाया कि जब अली हुसैन आता तो उसे घर से बाहर निकाल देता और फिर कमरा बंद कर बलात्कार करता था.
बच्चों के सामने महिला से करता था दुष्कर्म
इस घटना का सबसे वीभत्स पहलू यह है कि जब महिला का पति काम के सिलसिले में मुंबई रहता था, तब आरोपी घर में घुसकर बच्चों के सामने ही महिला के साथ मारपीट और बलात्कार करता था. मृतिका के दो मासूम बच्चों ने जब अपने पिता को यह आपबीती सुनाई, तो सुनने वालों की रूह कांप गई.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
महिला की आत्महत्या के बाद पुलिस हरकत में आई. पुलिस ने मुख्य आरोपी अली हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR में धाराओं को और सख्त किया जा रहा है ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.
हिंदू संगठनों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और साथ पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपी को फांसी या उम्रकैद की सजा दिलाई जाए.
मामले में पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
एएसपी श्यामाकांत ने इस घटना के बारे में बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं में बढ़ोतरी की जा रही है. मामले की निष्पक्ष जांच जारी है. कहा बलात्कार के आरोपों की पुष्टि के लिए सबूत इकट्ठा की जा रही है, विवेचना के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है. बस्ती की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में ‘साइबर ब्लैकमेलिंग’ कितनी जानलेवा हो सकती है. फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है.










