अमेरिका में जब हजारों संघीय कर्मचारी सरकार के शटडाउन के कारण घर पर रहे और संभावित बर्खास्तगी का सामना कर रहे थे तभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए। उन्होंने पहले अपने समर्थकों द्वारा किए गए प्रशंसापत्र साझा किए।
इसके बाद ट्रंप ने गलत दावा किया कि डेमोक्रेट्स आपका हेल्थकेयर पैसा अवैध प्रवासियों को देना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि वे अपने शीर्ष बजट सलाहकार से मिलेंगे ताकि यह तय किया जा सके कि किन संघीय कार्यक्रमों में स्थायी कटौती की जाए, जिन्हें उन्होंने राजनीतिक घोटाला बताया।
शटडाउन का दूसरा दिन, ट्रंप ऑनलाइन सक्रिय
यह सब सुबह 8 बजे से पहले ही हो गया, जबकि सरकार का शटडाउन दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका था। ट्रंप इस जटिल स्थिति का सामना करने के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने का रास्ता चुनते दिखाई दिए। 79 वर्षीय राष्ट्रपति के लिए यह लगातार ऑनलाइन सक्रियता असाधारण रही और उनके प्रशासन का शेष हिस्सा भी डेमोक्रेट्स पर तंज कसने और आलोचना करने में अधिक रुचि दिखा रहा है बजाय कि उनके साथ बातचीत करने के।
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सरकारी वेबसाइटों पर पॉप-अप संदेशों में रैडिकल लेफ्ट को शटडाउन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, जो गैर-पक्षपाती एजेंसियों के लिए असामान्य राजनीतिक संदेश है। जब पत्रकार व्हाइट हाउस प्रेस ऑफिस को ईमेल भेजते हैं, तो उन्हें स्वचालित उत्तर मिलता है जिसमें धीमी प्रतिक्रिया के लिए डेमोक्रेट शटडाउन के कारण स्टाफ की कमी को जिम्मेदार बताया गया है।
शटडाउन के लिए ट्रंप जिम्मेदार
ट्रंप का व्हाइट हाउस राजनीति में आक्रामक और कड़ा रुख अपनाने का आदी है। यह शैली पिछले साल के अभियान से जारी है, जिसे आलोचक निर्दयी और प्रतिशोधी मानते हैं। प्रशासन अक्सर अपने विपक्षियों को निशाना बनाने का मौका नहीं छोड़ता। ट्रंप ने पिछली बार के सरकारी शटडाउन (दिसंबर 2018 से जनवरी 2019) के दौरान भी ऐसा ही ऑनलाइन रवैया अपनाया था। उस समय 30वें दिन उन्होंने 40 ट्वीट किए, जिनमें हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी की आलोचना और संघीय कर्मचारियों के कठिन परिश्रम के लिए धन्यवाद शामिल था।
उस समय अधिकांश जिम्मेदारी ट्रंप पर डाली गई थी। एपी-एनओआरसी पोल के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत अमेरिकी मानते थे कि इस शटडाउन के लिए ट्रंप जिम्मेदार थे। अंततः ट्रंप अपनी सीमा पर दीवार के लिए फंडिंग की मांग छोड़कर सरकार को फिर से खोलने वाले कानून पर हस्ताक्षर कर चुके थे।
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इस बार यह देखना बाकी है कि सबसे ज्यादा आलोचना किसको झेलनी पड़ेगी। डेमोक्रेट्स कहते हैं कि वे किसी भी खर्च कानून पर वोट नहीं देंगे जब तक स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी बढ़ाई नहीं जाती। रिपब्लिकन उनका विरोध कर रहे हैं और कहते हैं कि सरकार के कामकाज के लिए फंडिंग जरूर मिलनी चाहिए, बाकी नीतियों पर बाद में बातचीत की जा सकती है।
राष्ट्रपति और रिपब्लिकन प्रमुख रूप से जिम्मेदार-सर्वेक्षण
हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स/सिएना द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में, जो शटडाउन शुरू होने से पहले हुआ था, यह पाया गया कि थोड़े अधिक मतदाताओं का मानना है कि ट्रंप और कांग्रेस में रिपब्लिकन इसके लिए जिम्मेदार हैं, जबकि लगभग एक-तिहाई लोगों ने कहा कि दोनों पक्ष समान रूप से जिम्मेदार हैं। एक अन्य सर्वेक्षण वाशिंगटन पोस्ट द्वारा 1 अक्तूबर को किया गया, जिसमें 47% अमेरिकी मानते हैं कि राष्ट्रपति और रिपब्लिकन प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं, जबकि 30% ने डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार बताया।
सियासी दलों में आरोप-प्रत्यारोप
बहुसंख्यक नेता जॉन थ्यून ने कहा डेमोक्रेटों ने अपने कट्टर वामपंथी समर्थकों के सामने समर्पण कर सरकार को बंद कर अमेरिकियों को बंधक बना लिया है। सेना, बॉर्डर पेट्रोल एजेंट और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर बिना वेतन के काम कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि इससे उन्हें सियासी लाभ होगा। उधर, अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप और रिपब्लिकनों ने हमें शटडाउन की तरफ धकेला है। वे अमेरिका के स्वास्थ्य देखभाल की रक्षा से इन्कार करते हैं। उधर, स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा, यह सब पूरी तरह से टाला जा सकता था। डेमोक्रेट्स को वही साधारण फंडिंग बिल पास करना चाहिए जो हाउस में पास हुआ था।
आज नहीं रखी जा सकेगी मासिक रोजगार रिपोर्ट
मौजूदा सरकारी बंद ने नीति निर्माताओं और निवेशकों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दिशा के बारे में उनके निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों से भी रोक दिया। इनकी तुरंत कमी महसूस की गई। ऐसे में शुक्रवार को जारी होने वाली सरकार की मासिक रोजगार रिपोर्ट में देरी होना तय है। बृहस्पतिवार को बेरोजगारी लाभ चाहने वाले लोगों की संख्या पर जारी होने वाली साप्ताहिक रिपोर्ट में स्थगित कर दी गई। देश की मुद्रास्फीति अपने 2% लक्ष्य से ऊपर चल रही है और नियुक्तियां लगभग ठप हो गई हैं, जिससे अगस्त में बेरोजगारी दर और बढ़ गई। ऐसे में यह शटडाउन बड़ी मुसीबत बन सकता है।
सभी को साथ लेकर चलने की चुनौती
100 सदस्यों वाली सीनेट में यह मतदान शुक्रवार को होना है। इनमें 53 रिपब्लिकन व 2 निर्दलीय सांसद हैं। ऐसे में बिल पास कराने को 47 में से अधिकांश डेमोक्रेटों का साथ जरूरी है। राष्ट्रपति ट्रंप के सामने सभी को साथ लेकर चलना भी एक बड़ी चुनौती है। दरअसल, उनके कई फैसलों से द्विदलीय सांसदों में नाराजगी है। खासतौर पर स्वास्थ्य बजट को लेकर उन्हें अब सबको साथ लेना होगा।











