कालका मेल में अवैध वेंडरों की तलाश कर रहे आरपीएफ जवानों को ट्रेन के जनरल कोच में 25 वर्षीय युवक हाथ में झोला लिए नजर आया। जवानों ने उसे वेंडर समझकर झोला चेक किया तो अंदर एक बैग में 38.20 लाख रुपये रखे मिले। पुलिस ने युवक को नकदी समेत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। रुपयों के दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने पर आरपीएफ ने आयकर विभाग को सूचना दी। टीम ने नकदी जब्त कर जांच शुरू की है।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि मंडल स्तर पर गठित वैंडर ड्राइव टीम सोमवार को विभिन्न ट्रेनों में चेकिंग कर रही थी। हावड़ा से कालका जाने वाली कालका मेल स्टेशन पर रुकी तो जवान उसमें चढ़ गए। जनरल कोच में चेकिंग के दौरान युवक 38.20 लाख रुपये की नकदी के साथ मिला। पूछताछ करने पर वह घबरा कर गोल-मोल जवाब देने लगा। बैग में 500, 200, 100 रुपये के नोटों की 36 गड्डियां थीं।
युवक ने बताया कि वह फतेहपुर खेसहन, गाजीपुर का रहने वाला मनीष द्विवेदी है। फतेहपुर के किराना दुकानदार अभिषेक गुप्ता के यहां नौकरी करता है। दुकान मालिक ने कानपुर में एक नारियल वाले को भुगतान करने के लिए रुपये भेजे थे लेकिन वह नकदी के संबंध में कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। सूचना पर आयकर इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार और अवधेश गुप्त आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। मनीष से अकेले में पूछताछ की। मनीष को नकदी सहित अपने साथ ले गए। बताया कि मालिक मंगलवार को दफ्तर आएंगे, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरामद नकदी आरपीएफ पोस्ट पर सुरक्षित रखवा दी गई है। नकदी के संबंध में दस्तावेज मांगे गए हैं। -एसएन पाटीदार, प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ, कानपुर सेंट्रल स्टेशन










