नए साल पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब श्रद्धालुओं को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) कार्ड जारी होने के 10 घंटे में अपनी यात्रा शुरू करनी होगी और 24 घंटे में दर्शन कर लौटना भी होगा। नए निर्देश तत्काल लागू कर दिए गए हैं।
माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए पंजीकरण व आरएफआईडी यात्रा कार्ड लेना पहले से श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य है। इससे पहले, आरएफआईडी कार्ड की वैधता 12 घंटे की थी। यानी 12 घंटे के भी उन्हें यात्रा के प्रवेश पर इंट्री करनी होती थी और यात्रा पूरी करने की कोई निश्चित समय सीमा निर्धारित नहीं थी।
नववर्ष के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश सभी श्रद्धालुओं पर लागू होगा चाहे वे पैदल यात्रा कर रहे हों या हेलिकॉप्टर और बैटरी कार जैसी सुविधाओं का उपयोग कर रहे हों। पंजीकरण केंद्रों पर तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को इन नए समय प्रतिबंधों के बारे में निरंतर सूचित करें।
नया साल और सुरक्षा व्यवस्था
नववर्ष से करीब तीन-चार दिन पहले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए यह टाइम स्लॉट सिस्टम लागू किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से यात्रा मार्ग पर यात्रियों के आवागमन को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकेगा।
रविवार को बारिश और तेज हवा से प्रभावित रही यात्रा
धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के दरबार में रविवार को दिन भर रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। हेलिकॉप्टर सेवा दोपहर 2 बजे के बाद तेज हवा और बारिश के कारण बाधित रही। ऑनलाइन टिकट बुकिंग करवा चुके श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम पांच बजे तक करीब 16500 श्रद्धालु भवन की ओर रवाना हो चुके थे। इस माह में अब तक करीब 3.20 लाख और वर्ष करीब 67.25 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं।











