साइबर ठगों के हाथों ठगी का शिकार हुए पंजाब के पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ने सोमवार को पटियाला स्थित अपने घर में गनमैन की बंदूक से खुद को गोली मार ली। गोली उनकी छाती में लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पटियाला-राजपुरा रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक है। घटना के वक्त चहल के बेटे ऑफिस गए हुए थे। मामले की जांच करने पहुंची पुलिस को मौके से 12 पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है जो आईजी चहल ने डीजीपी गौरव यादव के नाम लिखा है। इसमें उन्होंने अपने साथ हुई 8.10 करोड़ की साइबर ठगी का जिक्र किया है।
लिखा है कि इस वजह से वह मानसिक तनाव में हैं। अस्पताल पहुंचे एसपी (सिटी) पलविंदर सिंह चीमा ने बताया कि पूर्व आईजी के दोस्तों ने सोमवार को ही पुलिस के साथ एक नोट साझा किया था, जिसमें आशंका जताई थी कि चहल आत्महत्या जैसा कदम उठा सकते हैं। इसके तुरंत बाद संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी पूर्व आईजी के घर पहुंचे जहां वह घायल हालत में पड़े थे। उन्हें तत्काल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जहां उनकी सर्जरी की जा रही है। एसपी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
प्रधानमंत्री व डीजीपी के नाम पत्र लिखकर मांगा इंसाफ
पूर्व आईजी चहल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम नोट लिखकर बताया कि वह धोखेबाजों के एक गिरोह के शिकार हो गए हैं, जो डीबीएस का नाम इस्तेमाल कर रहा है। दो महीनों से ज्यादा समय तक उन्हें भारी मुनाफा देने का वादा किया जिसके झांसे में वे आ गए और 8 करोड़ से ज्यादा की ठगी का शिकार हो गए हैं। इसमें से 7.5 करोड़ उन्होंने दोस्तों व रिश्तेदारों से उधार लिए हैं। अब उनके पास अपनी जिंदगी लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। वह सार्वजनिक तौर पर चेहरा दिखाने के काबिल नहीं रहे हैं।
अपराधियों को पकड़ने की मांग
पूर्व आईजी चहल ने लिखा है कि इस मामले की व्यापक स्तर पर जांच कर अपराधियों को पकड़ा जाए। उनसे पैसे की रिकवरी की जाए और ऐसी वेबसाइटों को पूरी तरह बंद किया जाए। वहीं उन्होंने डीजीपी गौरव यादव से मांग की है कि वह साइबर ठगों की धरपकड़ करके उनसे धोखाधड़ी से ली गई रकम वसूल कर उसे परिवार को लौटाएं। एसपी पलविंदर सिंह चीमा के मुताबिक पूर्व आईजी के बच्चे वर्क फ्रॉम होम करते हैं। घटना के समय वह घर पर बनाए गए अपने दफ्तर में काम कर रहे थे।











