भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर फ्रांस दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने फ्रांस पहुंचने पर कहा कि भारत और यूरोप के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों पक्ष मिलकर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में स्थिरता ला सकते हैं। डॉ. जयशंकर ने बुधवार को पेरिस में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरट से द्विपक्षीय मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए जयशंकर ने ये बात कही।
‘यूरोप, वैश्विक स्तर पर अहम खिलाड़ी’
विदेश मंत्री जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल है। अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दुनियाभर में चिंता का माहौल है। विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक राजनीति में यूरोप एक अहम खिलाड़ी है और ये जरूरी है कि भारत, यूरोप के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करे। जयशंकर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह एक बहुत सोच-समझकर लिया गया फैसला है। यह एक ऐसा फैसला है जो हमारे इस विश्वास को दिखाता है कि यूरोप के साथ यह रिश्ता सच में आगे बढ़ने, अगले स्तर तक पहुंचने के लिए तैयार है।’
जयशंकर ने कहा, ‘पिछले कुछ हफ्तों में भी, हमने भारत में यूरोप से जुड़े मामलों जैसे, एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता), प्रौद्योगिकी के मुद्दों, सेमीकंडक्टर, रेलवे, रक्षा, विमानन पर चर्चा की है। भारत और यूरोप का एक बहुत ही ठोस रिश्ता है, और भी बहुत कुछ किया जा सकता है। लेकिन इसके अलावा, मुझे लगता है कि आज एक बड़ी चर्चा की जरूरत है जो दुनिया को वैश्विक व्यवस्था के बारे में बात करनी चाहिए। हम किस तरह की दुनिया में रहना चाहते हैं? नियम क्या होंगे और अन्य संबंधित मुद्दे क्या होंगे? और क्योंकि मुझे लगता है कि यूरोप वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण खिलाड़ी है, इसलिए यह भी जरूरी है कि भारत उसके साथ अपने रिश्ते मजबूत करे।’
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यूरोप के कई नेता करेंगे भारत का दौरा
अगले कुछ हफ्तों में, भारत जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मेजबानी करेगा। विदेश मंत्री ने इसका जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक राजनीति को स्थिर करने के लिए भारत और फ्रांस का एक साथ काम करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा, ‘फ्रांस हमारे सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है। मेरा मानना है कि हमारी लगातार बातचीत उस रिश्ते को मजबूत बनाने का एक अहम हिस्सा है।’











