अमेरिका के मिसिसिपी में शुक्रवार रात को हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गोलीबारी तीन अलग-अलग जगहों पर हुई और एक ही हमलावर ने इन हमलों को अंजाम दिया। क्ले काउंटी शेरिफ ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि ‘दुर्भाग्य से आज की रात हमारे समुदाय को इस त्रासदी से जूझना पड़ा।’
संदिग्ध हमलावर पुलिस हिरासत में
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की घटना वेस्ट पॉइंट इलाके में हुई, जो अलबामा बॉर्डर पर स्थित है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलीबारी में छह लोगों की मौत हुई है और इनमें से कुछ संदिग्ध हमलावर के परिचित हैं। पुलिस ने संदिग्ध हमलावर को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। हमले के पीछे की वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है।
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बीते बुधवार को भी अमेरिका में हुई थी गोलीबारी की घटना
अमेरिका में अक्सर गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। लोग इसके लिए वहां की बंदूक संस्कृति को जिम्मेदार ठहराते हैं। इससे पहले बीते बुधवार भी अमेरिका के यूटा की साल्ट लेक सिटी में एक चर्च के बाहर हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए थे। गोलीबारी की यह घटना द चर्च ऑफ जीसस क्राइस्ट ऑफ लैटर-डे सेंट्स (जिसे आमतौर पर मॉर्मन चर्च के नाम से जाना जाता है) के एक सभा भवन के पार्किंग स्थल में हुई थी।
अमेरिका में बंदूक संस्कृति के चलते अक्सर होती हैं गोलीबारी की घटनाएं
साथ ही बीते दिसंबर में रोड आइलैंड में ब्राउन यूनिवर्सिटी में भी गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसमें दो लोग मारे गए थे और आठ अन्य घायल हुए थे। अमेरिका में हथियार का लाइसेंस लेना बेहद आसान है, जिसके चलते अमेरिका के लोगों के पास करोड़ों बंदूके हैं। यही वजह है कि विभिन्न कारणों से वहां अक्सर गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। समय समय पर अमेरिका में इस बंदूक संस्कृति के खिलाफ आवाजें उठती हैं, लेकिन हथियार निर्माता कंपनियों की मजूबत लॉबी के चलते अभी तक अमेरिका की सरकार इस समस्या से पार नहीं पा सकी है।












