सूर्य नमस्कार करने के बाद भक्त जल लेकर काशी विश्वनाथ, संकट मोचन, दुर्गा मंदिर में दर्शन के लिए कतारबद्ध हो गए। घाटों की ओर जाने वाली गलियों में जाम जैसा हाल रहा। पंचगंगा घाट की तरफ जाने वाली सकरी गलियों में श्रद्धालुओं की कतार लग जाने से गलियों में भी जाम सी स्थिति देखने को मिल रही।
सभी श्रद्धालु स्नान कर काल भैरव, काशी विश्वनाथ बड़ा गणेश अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे। घरों में पूरे शहर की छतों पर डीजे बजाकर पतंगबाजी की जा रही। पतंगबाजी सड़कों के साथ- साथ मैदानों और छतों पर भी दिखाई दे रही है।
मणिकर्णिका घाट स्थित बाबा मसाननाथ मंदिर में बाबा मसाननाथ सेवा समिति की ओर से शृंगार हुआ। बाबा मसाननाथ का सुगंधित पुष्पों व रंग-बिरंगी पतंगों से आकर्षक शृंगार किया गया। पूजन-अर्चन के बाद बाबा को ढुंढा, लाई, पट्टी व विविध मिष्ठानों का भोग अर्पित किया गया।
इसके बाद भव्य आरती हुई जिसमें सेवा समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-पाठ व आरती संपन्न कराई। आरती के बाद बाबा का प्रसाद सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया।
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