सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनपद में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी तथा सहायक आयुक्त औषधि विंध्याचल मंडल के निर्देश पर आज 19 जनवरी 2025 को औषधि अनुभाग की टीम ने ओबरा क्षेत्र स्थित बजरंग मेडिकल स्टोर पर औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाई की।
छापेमारी की सूचना मिलते ही आसपास के कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने अपने प्रतिष्ठानों के शटर बंद कर दिए और मौके से फरार हो गए। ऐसे दुकानदारों को विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधि दोहराने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बजरंग मेडिकल स्टोर के प्रोपराइटर मौके पर मौजूद पाए गए। औषधि निरीक्षक द्वारा मेडिकल स्टोर की गहनता से जांच की गई। जांच में पाया गया कि निरीक्षण आख्या में अंकित कई दवाइयों के क्रय-विक्रय से संबंधित बिल प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके साथ ही स्टोर में कुछ कलातीत (एक्सपायर्ड) औषधियां भी पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान संदिग्ध प्रतीत हो रही दो दवाइयों के नमूने नियमानुसार जांच एवं परीक्षण के लिए संगृहीत किए गए हैं। पूरे प्रकरण की निरीक्षण आख्या सहायक आयुक्त औषधि को प्रेषित की जा रही है। प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाए जाने पर बजरंग मेडिकल स्टोर के क्रय-विक्रय पर औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 के अंतर्गत तत्काल रोक लगा दी गई है।

औषधि निरीक्षक द्वारा मेडिकल स्टोर को अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के अंतर्गत नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाओं का बिना चिकित्सकीय पर्ची के क्रय-विक्रय किसी भी दशा में न किया जाए। ऐसा पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जनपद के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है और कहा है कि भविष्य में भी इस प्रकार की औचक जांच एवं छापेमारी जारी रहेगी।
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