Last Updated:
टीवी एक्ट्रेस रोजलिन खान हाल में दिल्ली पहुंची थीं. दिल्ली में उनकी तबीयत बिगड़ी तो वह मुंबई आकर एक अस्पताल में भर्ती हुईं. उन्हें थकान और तेज बुखार हुई. एनर्जी लेवेल डाउन होने की वजह से उन्हें आईवी ड्रीप भी चढ़ाई गई. एक्ट्रेस ने अस्पताल में भर्ती होने के एक्सपीरिएंस के बारे में बात की.
मुंबई. एक्ट्रेस रोज़लिन खान हाल में दिल्ली आईं थीं और उनकी तबीयत बिगड़ गई. तबीयत बिगड़ने के बाद वह मुंबई और पिछले हफ्ते अस्पताल में भर्ती हुईं. बताया जा रहा है कि रोज़लिन को बहुत थकान और तेज बुखार के चलते अपना दिल्ली टूर बीच में ही छोड़नी पड़ा. इलाज के दौरान उन्हें मल्टीविटामिन थेरेपी के लिए आईवी ड्रिप दी गई है. अपनी रिकवरी को लेकर रोज़लिन ने खुलकर बात की और कहा कि यह एक्सपीरिएंस उन्हें याद दिलाता है कि सुधार की प्रक्रिया सीधी नहीं होती.
फिल्मीबीट के मुताबिक, रोजलिन खान ने कहा, “कुछ दिन मैं खुद को स्ट्रॉन्ग महसूस करती हूं और कुछ दिन कमजोर.” रोजलिन ने कैंसर ट्रीटमेंट के बाद जीवन की अनिश्चितता के बारे में भी बात की. रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई लौटने के बाद रोज़लिन की एनर्जी अचानक गिर गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ी. उनका कहना कि लोगों को अपनी शारीरिक सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए. ठंडे मौसम का असर उनके शरीर पर पड़ा.
रोजलिन खान ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि गंभीर बीमारियों से जूझ चुके सेलिब्रिटी भी मुश्किलों का सामना करते हैं और उन्हें अपने सपनों और खुद की देखभाल के बीच संतुलन बनाना पड़ता है. उन्होंने कहा, “यह कभी-कभी निराशाजनक हो सकता है, लेकिन मैं खुद को आराम देना और अपनी देखभाल करना सीख रही हूं. ठीक होना सिर्फ जिंदा रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने शरीर की सुनने और उसे समय देने के बारे में है.”
रोजलिन खान ने कैंसर डायग्नोसिस के बाद से अपनी मुश्किल जर्नी के बारे में खुलकर बात की है. उन्होंने इलाज के बाद शारीरिक बदलाव, भावनात्मक थकान और मानसिक तनाव बढ़ा है. रोजलिन अपनी हेल्थ को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. हाल में उन्होंने एक्टर विद्युत जामवाल की उस वायरल क्लिप की कड़ी आलोचना की, जिसमें वे योग अभ्यास के दौरान पेड़ पर बिना कपड़ों के चढ़ते नजर आए थे.
रोज़लिन खान ने इंडस्ट्री में शॉक वैल्यू की बढ़ते चलन पर सवाल उठाया और कहा कि सार्वजनिक रूप से नग्न होना बहादुरी नहीं है. उन्होंने लिखा था, “विद्युत जामवाल, मेरे भाई, आपने जो किया है, वह समाज और सिस्टम के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इससे आपका करियर आगे नहीं बढ़ेगा. नंगे होना बहादुरी नहीं कहलाता, नंगे होना सिर्फ नग्नता कहलाता है.”
About the Author
रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें
![]()










