छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रातों रात नहर पर बना चार दशक पुराना 10 टन का लोहे का पुल चोरी हो गया। इससे स्थानीय लोग हैरान रह गए। नहर पर बना यह 70 फीट लंबा पुल पैदल आने-जाने के लिए इस्तेमाल होता था। कोरबा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने शनिवार को बताया कि जांच में सामने आया है कि इस चोरी में करीब 15 लोग शामिल थे।
अब- तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पटले का कहना है कि बाकी 10 आरोपियों की तलाश सरगर्मी से जारी है। इनमें चोरी का सरगना मुकेश साहू और असलम खान भी शामिल हैं। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुल चोरी कर कबाड़ में बेचने की बात कबूल की है।
आरोपियों ने गैस कटर से पुल को काटकर कबाड़ के रूप में बेचने की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने 18 जनवरी को वार्ड नंबर 17 के ढोढ़ीपारा इलाके में हसदेव बायीं नहर पर बना पुल अचानक गायब पाया। पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
सात टन लोहा बरामद
सीएसईबी पुलिस चौकी प्रभारी भीमसेन यादव ने बताया कि नहर में छिपाकर रखे गए करीब सात टन लोहा बरामद कर लिया गया है। चोरी में इस्तेमाल वाहन भी जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा अब पुलिस यह पता लगा रही है कि बाकी बचा लोहा कहां बेचा गया है।












