Mata Sita Ke Bhai Ka Kya Naam Tha: माता सीता का नाम आते ही हमारे मन में त्याग, मर्यादा, धैर्य और शक्ति की तस्वीर उभर आती है. लेकिन जब बात उनके परिवार की होती है, खासकर उनके भाई को लेकर, तो लोगों के मन में अक्सर कन्फ्यूजन रहता है. बहुत से लोग पूछते हैं कि माता सीता के भाई का क्या नाम था, क्या उनके कोई सगे भाई थे या फिर यह सिर्फ एक गलतफहमी है. रामायण और प्राचीन ग्रंथों में माता सीता के परिवार का जिक्र तो मिलता है, लेकिन भाई को लेकर सीधी जानकारी बहुत कम है. इसी वजह से यह सवाल बार बार सामने आता है. इस लेख में हम बिल्कुल सरल और आम बोलचाल की भाषा में जानेंगे कि माता सीता के भाई थे या नहीं, अगर नहीं थे तो फिर उनके परिवार में कौन कौन थे, और यह भ्रम आखिर क्यों पैदा हुआ.
क्या माता सीता के कोई सगे भाई थे
वाल्मीकि रामायण और अधिकांश प्राचीन ग्रंथों के अनुसार माता सीता के कोई सगे भाई नहीं थे. राजा जनक और रानी सुनैना की संतान के रूप में सीता माता का जन्म नहीं हुआ था, बल्कि उन्हें धरती से प्राप्त किया गया था. इसी कारण उन्हें भूमिजा और जनकनंदिनी भी कहा जाता है. राजा जनक ने उन्हें अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार किया और उनका पालन पोषण किया, लेकिन ग्रंथों में कहीं भी सीता के सगे भाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता.
फिर यह सवाल क्यों उठता है कि माता सीता के भाई कौन थे
असल में यह भ्रम राजा जनक के परिवार के अन्य सदस्यों की वजह से पैदा होता है. राजा जनक के छोटे भाई का नाम कुशध्वज था. कुशध्वज राजा जनक के भाई थे, यानी माता सीता के चाचा. कई जगहों पर लोग गलती से कुशध्वज को सीता का भाई समझ लेते हैं, जबकि वह उनके चाचा थे.
माता सीता की बहनें कौन थीं
माता सीता की तीन बहनें मानी जाती हैं, लेकिन वे सगी बहनें नहीं बल्कि चचेरी बहनें थीं.
उर्मिला
मांडवी
श्रुतकीर्ति
उर्मिला माता सीता की बहन मानी जाती हैं और उनका विवाह लक्ष्मण से हुआ था. मांडवी का विवाह भरत से और श्रुतकीर्ति का विवाह शत्रुघ्न से हुआ था. ये चारों बहनें राजा जनक और उनके भाई कुशध्वज के परिवार से जुड़ी थीं.
कुशध्वज कौन थे
कुशध्वज राजा जनक के छोटे भाई थे. उनकी दो बेटियां मांडवी और श्रुतकीर्ति थीं. जब श्रीराम का विवाह सीता से हुआ, उसी समय अयोध्या के चारों भाइयों का विवाह जनक परिवार की चारों कन्याओं से हुआ. इसी वजह से जनक परिवार को लेकर कई बार रिश्तों में भ्रम हो जाता है.

क्या किसी ग्रंथ में सीता के भाई का नाम मिलता है
लोककथाओं और कुछ बाद के साहित्य में अलग अलग नामों का उल्लेख मिलता है, लेकिन वे प्रमाणिक नहीं माने जाते. वाल्मीकि रामायण, जो सबसे प्रामाणिक मानी जाती है, उसमें माता सीता के भाई का कोई नाम नहीं दिया गया है. इसलिए धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से यही माना जाता है कि माता सीता के कोई सगे भाई नहीं थे.
माता सीता का परिवार संक्षेप में
पिता: राजा जनक
माता: रानी सुनैना
चाचा: कुशध्वज
बहनें: उर्मिला, मांडवी, श्रुतकीर्ति
पति: भगवान श्रीराम
माता सीता के भाई को लेकर जो भी बातें प्रचलित हैं, वे ज्यादातर भ्रम पर आधारित हैं. शास्त्रों के अनुसार उनके कोई सगे भाई नहीं थे. राजा जनक के भाई कुशध्वज और उनकी बेटियों के कारण यह सवाल बार बार उठता है. सही जानकारी जानना जरूरी है ताकि धार्मिक कथाओं को हम सही रूप में समझ सकें.
![]()










