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थलापति विजय की ‘जन नायकन’ की रिलीज पर तलवार लटकी हुई है. मद्रास हाईकोर्ट में केस की सुनवाई जारी थी और अब फिल्म को एक बड़ा झटका मिला है. मद्रास हाईकोर्ट ने ‘जन नायकन’ को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट दिए जाने के सिंगल बेंच आदेश पर रोक लगा दी है. अब जबतक फिल्म को सेंसर बोर्ड से क्लियरेंस नहीं मिलती है, तब तक फिल्म रिलीज नहीं हो पाएगी. एक्टर के फैंस इस खबर से निराश हैं और सोशल मीडिया पर अपना रिएक्शन दे रहे हैं.
नई दिल्ली. थलापति विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर तलवार लटकी हुई है. फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने का मामला कोर्ट में चल रहा था और इसकी सुनवाई में आज एक्टर और मेकर्स को मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. मद्रास हाईकोर्ट ने अभिनेता विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ को सेंसर सर्टिफिकेट देने के सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया है. मंगलवार को हाईकोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया.
सेंसर बोर्ड ने अपनी याचिका में सिंगल जज के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें एक्टर विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ को तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था. सिंगल जज ने फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजने के निर्देश को भी खारिज किया था.
मद्रास हाईकोर्ट ने रद्द किया फिल्म को सर्टिफिकेट दिए जाने वाला फैसला
पिछली सुनवाई में मद्रास हाईकोर्ट ने ‘जन नायकन’ और सेंसर बोर्ड विवाद पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. मंगलवार को हाईकोर्ट ने सिंगल जज के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि सिंगल जज को सेंसर बोर्ड को जवाब देने के लिए समय देना चाहिए था.
जन नायकन के खिलाफ हुई थी शिकायत
‘जन नायकन’ फिल्म तब तक सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकती, जब तक कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) की ओर से इसे मंजूरी नहीं मिल जाती. फिल्म को अभी तक बोर्ड से सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है. दरअसल, यह फिल्म पोंगल त्योहार से पहले 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन रिलीज से कुछ दिन पहले सेंसर बोर्ड ने प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शंस को सूचित किया कि बोर्ड की एक शिकायत के आधार पर फिल्म को रिव्यूइंग कमेटी के पास भेजा गया है.
इसके बाद मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने शुरुआती जीत में सेंसर बोर्ड को फिल्म में बदलाव करने के बाद यूए सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया.लेकिन सेंसर बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील की, जिसके बाद मद्रास हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट देने के सिंगल बेंच के निर्देश पर रोक लगाई. केवीएन प्रोडक्शंस ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था. 15 जनवरी को शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
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