भारत और ईयू के बीच ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता हुआ है. इसी पर यूरोपियन कमीशन की वाइस प्रेसिडेंट काजा कल्लास ने बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि जब मैं दुनिया में घूमती हूं, तो मैं देखती हूं कि ज्यादा से ज्यादा देश यूरोप के साथ साझेदारी करना चाहते हैं. इसकी वजह हमारा भरोसेमंद होना है.
उन्होंने कहा कि हमें डील पर बातचीत करने में काफी समय लगता है. जब हम करते हैं, तो हम उन पर टिके रहते हैं. हम उन्हें लागू करते हैं. यह बड़ी मूल्यवान चीज बन गई है. हम सच में वादे निभाते हैं. हम अपने समझौते का पालन करते हैं. यह बेहद ही जरूरी है.
हम कई क्षेत्रों में मिलकर कर रहे काम: काजा कल्लास
काजा कल्लास ने कहा कि हम साथ मिलकर कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. इनमें सुरक्षा, डिफेंस, फॉरेन पॉलिसी, समुद्री और साइबर सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों की पहचान की है. इसको लेकर हम बातचीत शुरु कर रहे हैं. उन्होंने दोनों देशों को लेकर कहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध बनाने में सच्ची दिलचस्पी है. लेकिन जियोपॉलिटिक्ल तस्वीर इन मुद्दों से बिल्कुल अलग है. भारत छोटा देश नहीं है. यूरोप में सहयोग की गुंजाइश है. यूरोपियन यूनियन और भारत के बीच फॉरेन पॉलिसी को लेकर भी रिश्ते हैं.
भारत और ईयू के बीच हुए FTA समझौते से किसे फायदा
दरअसल, 16वें भारत-EU समिट में FTA समझौता हुआ है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, EU कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और EU काउंसिल प्रेसडेंट एंटोनियो कोस्टा मौजूद थे. यूरोपीय नेताओं ने गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था.FTA से EU से भारत में आने वाले सामान पर 97% टैरिफ कम या खत्म हो जाएगा. भारत से EU में जाने वाले सामान पर 99% तक टैरिफ में छूट मिलेगी. कारों, वाइन, चॉकलेट, पास्ता, दवाइयां और कार पार्ट्स आदि पर बड़ी राहत मिलेगी. दोनों तरफ व्यापार बढ़ेगा, नौकरियां आएंगी और अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होंगी.










