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वीर दास इन दिनों अपनी फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ की सफलता का जश्न मना रहे हैं. वीर दास के लिए यह कामयाबी इसलिए खास है क्योंकि उनकी फिल्म सफलतापूर्वक दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है. अपनी खुशी जाहिर करते हुए वीर ने कहा कि आज के दौर में जहां बड़ी फिल्में भी जल्दी उतर जाती हैं, ‘हैप्पी पटेल’ का थिएटर्स में टिके रहना उनके लिए बहुत बड़ी बात और भावुक कर देने वाला अनुभव है. दर्शकों से मिल रहे इस शानदार रिस्पॉन्स पर वीर दास ने रिएक्ट किया है.
नई दिल्ली. स्टैंडअप कॉमेडियन वीर दास की फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है. उनके लिए यह पल वाकई इमोशनल है, क्योंकि फिल्म कामयाबी के साथ दूसरे हफ्ते में भी सिनेमाघरों में टिकी हुई है. किसी भी इंडिपेंडेंट फिल्म के लिए यह बड़ी बात है. वीर दास ने खुद माना कि दर्शकों का यह सपोर्ट उनके दिल को छू गया है. उन्होंने कहा कि हैप्पी पटेल को मिल रहा प्यार उनके लिए बेहद खास और भावुक करने वाला अनुभव है.
दर्शकों को जाता है फिल्म की सक्सेस का क्रेडिट
वीर दास ने आगे कहा, ‘इस सफलता का असली क्रेडिट दर्शकों को जाता है, जिन्होंने फिल्म को देखा, उसके बारे में बात की और दूसरों को भी देखने के लिए प्रेरित किया. दर्शकों का यही प्यार और भरोसा किसी छोटी फिल्म को लंबे समय तक थिएटर में बनाए रखता है. हैप्पी पटेल मेरे करियर की अहम फिल्म है, क्योंकि यह मेरी बतौर निर्देशक पहली फीचर फिल्म है. इस फिल्म के जरिए मैंने सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली है.’
क्या है हैप्पी पटेल की कहानी?
कहानी की बात करें तो फिल्म एक अनोखे और मजेदार कॉन्सेप्ट पर आधारित है. ‘हैप्पी पटेल’ दो ब्रिटिश एजेंट्स का गोद लिया हुआ बेटा है, जो एक गे कपल हैं. हैप्पी का सपना अपने पिताओं की तरह जासूस बनकर एजेंसी का हिस्सा बनने का होता है, लेकिन वह इसमें असफल रहता है. इसके बाद उसकी जिंदगी एक नया मोड़ लेती है, जब उसे पता चलता है कि वह असल में भारतीय मूल का है. कहानी यहीं से दिलचस्प और ट्विस्ट से भरी हो जाती है.
‘हैप्पी पटेल’ की स्टारकास्ट
हैप्पी को गोवा में एक मिशन पर भेजा जाता है, जहां उसे एक विदेशी महिला को बचाने और सुरक्षित बाहर निकालने का काम सौंपा जाता है. इस महिला से जबरन एक फैक्ट्री में फेयरनेस क्रीम का फार्मूला बनवाया जा रहा होता है. इस पूरे मामले के पीछे लोकल डॉन मामा का हाथ होता है, जिसकी हैप्पी के साथ पुरानी दुश्मनी भी होती है. फिल्म में मिथिला पालकर, मोना सिंह, शारिब हाशमी और सृष्टि तावड़े जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं.
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साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें
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