ईरान में पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन चल रहे हैं। पहले जहां लोग महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, लेकिन अब वहीं विरोध सरकार के खिलाफ राजनीतिक मांगों तक पहुंच गया है। सरकार की सख्ती और दखल के बाद भी ईरान में विरोध प्रदर्शन, मौतों के आंकड़े और हालात को लेकर दुनियाभर में सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच अब ऐसा लग रहा है कि ईरान में नया राजनीतिक और सुरक्षा संकट उभर रहा है। हाल ही में जारी उपग्रह तस्वीरों से पता चला है कि इस्राइल और अमेरिका की तरफ से पिछले साल बमबारी किए गए दो प्रमुख परमाणु स्थलों इस्फहान और नतांज पर अब नई गतिविधियां शुरू हुई हैं।
जारी तस्वीरों में दिख रहा है कि दोनों साइट्स पर नुकसान पहुंचे भवनों पर छतें बनाई गई हैं, जिससे यह छुपाया जा रहा है कि वहां क्या काम चल रहा है। मामले में विशेषज्ञों का मानना है कि ये छतें किसी भी बचे हुए परमाणु या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री को देखने से रोकने के लिए बनाई गई हैं। तस्वीरों से ऐसा लगता है कि ईरान बचे हुए संसाधनों की जांच और उन्हें सुरक्षित करने का काम कर रहा है, न कि साइट्स की पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
इस्राइल की बमबारी में नष्ट किया था नतांज
बता दें कि नतांज साइट में मुख्य इमारत पायलट फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट को इस्राइल ने जून में पहले ही बमबारी में नष्ट कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी हमलों ने भूमिगत सुविधाओं को भी काफी नुकसान पहुंचाया। अब उपग्रह तस्वीरें दिखाती हैं कि दिसंबर में वहां नई छत बनाई गई। हालांकि साइट का बिजली व्यवस्था अब भी नष्ट है।
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इस्फहान साइट की इमारत पर भी बनाई गई छत
इसी तरह इस्फहान साइट पर भी इमारत के पास छत बनाई गई है। इस साइट पर पहले सेंट्रीफ्यूज बनाने की सुविधाएं थीं, जिसे इस्राइल ने निशाना बनाया था। उपग्रह तस्वीरों से यह भी पता चलता है कि पहाड़ी में बने कुछ सुरंगों को मिट्टी से भर दिया गया है, जबकि एक सुरंग की दीवारों के पास नई सुरक्षा दीवारें बनाई गई हैं।
क्या कहना है विशेषज्ञों का?
इन तस्वीरों के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि इन गतिविधियों का उद्देश्य साइट्स पर बचे हुए संसाधनों को छुपाकर बाहर निकालना है, न कि किसी नई सुविधा का निर्माण। हालांकि दूसरी ओर मीडिया रिपोर्टस में दावा यह भी किया जा रहा है कि इन सभी चिजों के अलावा ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और सैन्य साइट्स का पुनर्निर्माण भी कर रहा है। इसके तहत पर्शिन इलाके में ‘तालेगान 2’ साइट पर हाल ही में निर्माण देखा गया है।
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न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यकर्मों को सक्रिय कर रहा ईरान?
इस साइट को अक्तूबर 2024 में इस्राइल ने एयरस्ट्राइक में नष्ट किया था। विशेषज्ञों के अनुसार यह साइट उच्च विस्फोटक परीक्षण और परमाणु हथियारों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके साथ ही विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि नतांज और इस्फहान में बनाई गई छतें और तालेगान 2 में जारी निर्माण का उद्देश्य साइट्स को सुरक्षित रखना और बाहरी निगरानी से छुपाना है। ईरान की इन तैयारियों से साफ संकेत मिलता है कि ईरान अपने न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रमों को धीरे-धीरे फिर से सक्रिय कर रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय निगरानी और अमेरिकी दबाव की स्थिति में भी कदम उठा रहा है।
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