Last Updated:
दिग्गज एक्टर अनुपम खेर ने दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में अपने एक्टिंग इंस्टीट्यूट ‘एक्टर्स प्रिपेयर्स’ नाम का नया सेंटर शुरू किया है. इस अवसर पर उन्होंने साफ कहा कि इंस्टीट्यूट छात्रों को केवल ‘शुरुआती उड़ान’ दे सकता है, लेकिन सफलता की ऊंचाई उनकी निजी मेहनत पर निर्भर करती है. अनुपम खेर ने अनुशासन और प्रेक्टिस को अभिनय का मूल मंत्र बताया. उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे केवल अवसरों का इंतजार न करें, बल्कि आज के डिजिटल युग का लाभ उठाते हुए अपनी एक्टिंग रील खुद बनाएं.
नई दिल्ली: सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने अपने अभिनय इंस्टीट्यूट ‘एक्टर्स प्रिपेयर्स’ का विस्तार करते हुए दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में एक नया सेंटर किया. उन्होंने अवसर पर आईएएनएस (IANS) के साथ हुई एक खास बातचीत में अभिनय की बारीकियों, अनुशासन और मॉडर्न में स्ट्रगल के स्वरूप पर खुलकर अपने विचार शेयर किए.
अनुपम खेर ने साफ कहा कि एक एक्टिंग स्कूल का काम छात्र को केवल शुरुआती तकनीकी समझ और आत्मविश्वास देना है. उन्होंने एक सुंदर उपमा देते हुए कहा, ‘हमारा इंस्टीट्यूट आपको केवल पंख दे सकता है और एक सफल उड़ान की शुरुआत करा सकता है, लेकिन आसमान में आप कितनी ऊंचाई तक पहुंचेंगे, यह पूरी तरह आपकी मेहनत और लगन पर निर्भर करता है.’ सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है, इंस्टीट्यूट मार्गदर्शक है, लेकिन मंजिल तक पहुंचने का रास्ता छात्र को खुद बनाना होता है.
परंपरा और आधुनिकता का संतुलन
अनुपम खेर अपने इंस्टीट्यूट की वर्किंग सिस्टम पर चर्चा करते हुए अनुपम खेर ने बताया कि वे अनुशासन को सबसे जरूरी मानते हैं. उन्होंने गर्व से अपने गुरुओं इब्राहिम अल्काजी और कमाल अलाना का जिक्र किया, जिनसे उन्होंने अभिनय के बुनियादी सिद्धांत सीखे. उन्होंने कहा कि समय के साथ तकनीक बदली है और आज डिजिटल मीडिया अपनाना जरूरी हो गया है, लेकिन अभिनय के आधारभूत नियम आज भी वही हैं जो दशकों पहले थे. अनुपम खेर ने एक एक्टर के रूप में अपनी जर्नी को शेयर करते हुए बताया कि वे आज भी खुद को एक छात्र मानते हैं. उन्होंने कहा कि वे अपने स्किल को निखारने के लिए आज भी रंगमंच (थिएटर) से जुड़े हुए हैं और ड्रामा की तैयारी कर रहे हैं.
अनुपम खेर की युवाओं को सीख
अनुपम खेर का मानना है कि जब वे छात्रों को पढ़ाते हैं, तो उन्हें खुद के ज्ञान को और गहराई से समझने का मौका मिलता है. उन्होंने रोचक ढंग से कहा कि पढ़ाने के प्रोसेस में कई बार शिक्षक को छात्र से अधिक सीखने को मिलता है. अनुपम खेर ने एक व्यावहारिक सलाह दी. उन्होंने कहा कि आज के दौर में ‘मंडी हाउस’ में बैठकर इंतजार करने के बजाय छात्रों को अपने पास मौजूद डिजिटल कैमरों और स्मार्टफोन्स का उपयोग करना चाहिए. उन्हें अपनी खुद की एक्टिंग रील बनानी चाहिए और उसे दुनिया के सामने पेश करना चाहिए. अनुपम खेर ने आखिर में जोर दिया कि अभिनय का मूल मंत्र केवल निरंतर प्रेक्टिस और ईमानदारी है. दिल्ली में इस नए सेंटर के खुलने से राजधानी के उभरते हुए कलाकारों को अब अंतरराष्ट्रीय लेवल की ट्रेनिंग अपने शहर में ही मिल सकेगी.
About the Author

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
![]()










