यातायात बढ़ने के साथ ही सड़क हादसों में भी अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। बरेली मंडल के चारों जिलों बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में दो साल में हुए सड़क हादसों में 3103 लोगों की जान चली गई। इन आंकड़ों को देखते हुए बरेली और बदायूं के बाद अब शाहजहांपुर और पीलीभीत जिलों को भी शून्य मृत्यु दर अभियान में शामिल किया गया है।
इस अभियान के तहत सर्वाधिक दुर्घटनाओं से संबंधित क्रिटिकल कॉरिडोर चिह्नित कर लिए गए हैं। सड़क सुरक्षा संबंधी एक्शन प्लान तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग, आरटीओ, संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस और यातायात निरीक्षक की सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम कॉरिडोर की मॉनिटरिंग कर हादसों की वजह पता करेगी। कमियों को दूर कर शून्य मृत्यु दर अभियान का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।
ये क्रिटिकल कॉरिडोर हुए चिह्नित
बरेली
- नेशनल हाईवे 530 : देवरनिया रोड से मीरगंज तक।
- स्टेट हाईवे 37 : तिलक इंटर कॉलेज किला से बहेड़ी तक।
- नेशनल हाईवे 30 : फतेहगंज पूर्वी से बरेली तक।
- नेशनल हाईवे 21 : मोहनपुर बरेली से मौसमी रिसॉर्ट रिठौरा रोड बरेली तक।
- नेशनल हाईवे 730बी : रिझौला से श्रीराम फॉर्म बरेली तक।
बदायूं
- स्टेट हाईवे 43 : मुरादाबाद से फर्रुखाबाद मार्ग।
- स्टेट हाईवे 51 : बदायूं से बिजनौर मार्ग।
- स्टेट हाईवे 18 : मेरठ से बदायूं मार्ग।
- नेशनल हाईवे 21 : बरेली-मथुरा-भरतपुर मार्ग।