एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कुछ ऐसे लोगों को भी नोटिस मिला है जिनकी गिनती विशिष्ट, जागरूक व जिम्मेदार लोगों में होती है। सुबह बारिश के कारण सभी एआरओ के पास काफी कम संख्या में लोग सुनवाई के लिए पहुंचे। इसके चलते अधिकांश स्थानों पर एआरओ सुनवाई के लिए आने वाले लोगों की बाट जोहते रहे।
विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कल्याण अधिकारी की ओर से सुनवाई के लिए 447 लोगों को नोटिस भेज कर मंगलवार बुलाया गया था, लेकिन सुबह बारिश के कारण कुल 65 लोग ही पहुंच सके। इनमें आईजी (फायर सर्विस) के पद से सेवा निवृत्त हुए इंदिरानगर निवासी 78 वर्षीय अभय शंकर भी शामिल रहे। विकास भवन की लिफ्ट खराब होने के कराण उन्हें भी सीढ़ियों के सहारे तीसरी मंजिल पर चल रही सुनवाई के लिए जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जो आवेदन भरा था, उसमें मतदाता पहचान पत्र तो लगाया था, लेकिन 2003 की मतदाता सूची से उसका मिलान नहीं हो पाया था। जिसकी वजह से उन्हें नोटिस मिला। अब उन्होंने जो कमियां थी सभी पूरी कर दी है।
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इसके अलावा इंदिरानगर निवासी उद्यान विभाग में कर्मचारी बी देवेंद्र भी सुनवाई के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में वह करीब 14 साल के थे लिहाजा उनका नाम मतदाता सूची में नहीं आ सका था। उसी वर्ष उनके पिता का निधन हो जाने के कारण उनका भी नाम मतदाता सूची में नहीं था। मां का नाम था, जिसके अभिलेख लगाए थे, लेकिन इसके बाद भी नोटिस मिले। अब शैक्षिक प्रमाणपत्र व कुछ अन्य दस्तावेज जमा किए हैं। हुसैनाबाद ट्रस्ट में नोटिस की सुनवाई कर रहे जिला कृषि अधिकारी तेगबहादुर सिंह ने भी मंगलवार करीब 300 लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया था, लेकिन वहां भी कम ही लोग बारिश के कारण पहुंचे। जिले के अन्य स्थानों पर चन रही सुनवाई की भी कमोवेश यही स्थिति रही।











