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नेटफ्लिक्स ऑरिजनल फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. फिल्म में मनोज बाजपेयी लीड रोल में हैं. वह एक करप्ट ऑफिसर का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म के टाइटल ब्राह्मण समुदाय ने आपत्ति जताई है. इसे अपमान माना है. ब्राह्मणों की प्रतिष्ठा के खिलाफ माना है. इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट में इसको नहीं रिलीज करने की मांग करते हुए याचिका दायर की है. फिल्म का अयोध्या और प्रयागराज में भी विरोध हो रहा है.
मनोज बाजपेयी की ‘घूसघोर पंडत’ में एक करप्ट पुलिस ऑफिसर बने हैं. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
मुंबई. नेटफ्लिक्स ने एक दिन पहले ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्मों और सीरीज की अनाउंसमेंट टीजर जारी किए. यह सभी नेटफ्लिक्स पर इस साल के आखिरी तक रिलीज होंगे. इनमें से एक फिल्म को लेकर विवाद शुरू हो गया है. इस नेटफ्लिक्स ऑरिजनल फिल्म का नाम ‘घूसखोर पंडत’ है. फिल्म में मनोज बाजपेयी लीड रोल में हैं. इसके डायरेक्टर रितेश शाह है और नीरज पांडे ने इसे प्रेजेंट किया है. फिल्म मनोज एक करप्ट पुलिस ऑफिसर अजय दीक्षित का किरदार निभा रहे हैं, जिसे पंडत के नाम से भी जाना जाता है. फिल्म के टाइटल से ब्राह्मण समुदाय की भावानाएं आहत हुई हैं. फिल्म के टाइटल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है.
वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली हाई कोर्ट में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दायर की है. याचिका में फिल्म के टाइटल को ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा के विरुद्ध कथित रूप से अपमानजनक बताया गया है.
‘घूसघोर पंडत’ में मनोज बाजपेयी करप्ट पुलिस ऑफिसर
‘घूसघोर पंडत’ अनाउंसमेंट टीजर की शुरुआत एक लड़की के एक्सीडेंट से होती है, जिसे मनोज बाजपेयी अस्पताल में भर्ती करवाते हुए दिखते हैं. मनोज का इंट्रोडक्शन दिल्ली पुलिस में सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के तौर पर होता है. पंडत के नाम से बदनाम है. शादीशुदा है, लेकिन लंगोट का ढीला यानी लौंडियाबाज है. अजय 20 साल पहले दिल्ली पुलिस एसआई होता है, लेकिन 20 साल बाद घूमकर उसी रैंक पर दोबारा ज्वाइन करता है.
‘घूसखोर पंडत’ के खिलाफ अयोध्या के साधु-संत
‘घूसघोर पंडत’ के अनाउंसमेंट टीजर में नुसरत भरुचा, दिव्या दत्ता , कृति खरबंदा और अन्य किरदारों की झलक दिखती है. एक्शन, फाइट और वायलेंस दिखने को मिलता है. महज 50 सेकेंड के इस प्रोमो के बाद से नेटफ्लिक्स, मनोज बाजपेयी और इसके प्रेजेंटर नीरज पांडे के खिलाफ ब्राह्मण समुदाय विरोध कर रहे हैं. अयोध्या और प्रयागराज में साधु संत फिल्म न रिलीज करने की मांग कर रहे हैं.
हनुमानगढ़ी के संत की मनोज बाजपेयी को नसीहत
‘घूसखोर पंडत’ को लेकर अयोध्या के संत समाज में गहरा रोष देखने को मिल रहा है. संतों ने फिल्म को ब्राह्मण समाज के खिलाफ बताया है और इसके बहिष्कार की अपील की है. अयोध्या के हनुमानगढ़ी के संत डॉक्टर देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि फिल्म का शीर्षक ब्राह्मण समाज को बदनाम करने वाला है. उन्होंने कहा कि मनोज बाजपेयी स्वयं ब्राह्मण हैं, ऐसे में उन्हें इस तरह की भूमिका या फिल्म का हिस्सा बनने से पहले सोचना चाहिए था. ब्राह्मण समाज को लगातार टारगेट किया जा रहा है यह एक वैश्विक साजिश का हिस्सा है. ब्राह्मण समाज हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम करता है. ऐसी फिल्मों का समाज को बहिष्कार करना चाहिए.
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें
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