तीनों बहनें करीब 80 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, इतनी ऊंचाई से गिरने के करण उनकी सभी पसलियां टूट गई थीं। साथ ही हृदय, लिवर, गुर्दा सहित सभी अंदरूनी अंग फट गए थे। इस घटना में सिर्फ दूसरे नंबर की बहन प्राची के सिर की हड्डी नहीं टूटी थी। पोस्टमार्टम करने वाले एक चिकित्सक का कहना है कि अगर तत्काल इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी लड़की के शरीर पर पुराना घाव या चोट का निशान नहीं मिला है।

2 of 12
Ghaziabad Sisters Suicide
– फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी बहन निशिका के पेट में सिर्फ 50 ग्राम खाना था। इससे स्पष्ट था कि उसने दोपहर बाद कुछ नहीं खाया था। प्राची और पाखी के पेट में 250 से 300 ग्राम खाना मिला था। इससे पता चला कि दोनों ने रात में खाना खाया था। मौत का कारण स्पष्ट होने से बिसरा नहीं रखा गया।

3 of 12
Ghaziabad Sisters Suicide
– फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों एसीएमओ डॉ. अमित विक्रम, पीएससी के डॉ. नीरज और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता के पैनल से कराया गया। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि नीचे गिरने से लड़कियों के शरीर के अंग क्षतिग्रस्त होने से अधिक मात्रा में शरीर से खून बह गया। इस कारण हैमरेज होने से तीनों बहनों की मौत हो गई।

4 of 12
Ghaziabad Sisters Suicide
– फोटो : अमर उजाला
कोरिया के दोस्तों से कैसे होती थी बात?
पुलिस को घटनास्थल पर मिले आठ पेज के सुसाइड नोट में लिखा है कि किशोरियां अपनी सबसे छोटी चौथे नंबर की बहन देबू की कोरियन दोस्तों से बात कराती थीं। ऐसे में इस सवाल का जवाब तलाशना सबसे अहम हो जाता है कि तीनों बहनों ने किस तरह कोरियन दोस्त बनाए। किस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद से बातचीत करती थीं।

5 of 12
Ghaziabad Sisters Suicide
– फोटो : अमर उजाला
हालांकि, किशोरियों की मां के मोबाइल फोन से साइबर टीम को किसी तरह के कोरियन एप व गेम नहीं मिले हैं। ऑनलाइन कोरियन टास्क गेम की जानकारी भी जांच में सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस अब निशिका और प्राची से छीनकर बेचे गए मोबाइल फोन रिकवर करने में जुटी है। इन्हीं से कोरियन गुत्थी सुलझ सकती है।
![]()











