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भारतीय सिनेमा को सौ साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है और इसने दुनिया को एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्में दी हैं. लेकिन पर्दे पर दिखने वाली इस चमक-धमक और ग्लैमर के पीछे कई ऐसे अनसुने किस्से, कड़े संघर्ष और हैरान कर देने वाले इत्तेफाक छिपे हैं, जिनकी भनक आम फैंस को कम ही होती है. कभी किसी बड़े सितारे को रिप्लेस किया गया, तो कभी किसी सीन को परफेक्ट बनाने के लिए मेकर्स ने सारी हदें पार कर दीं. ये छोटी-छोटी बातें ही फिल्मों को खास बनाती हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड की दुनिया जितनी पर्दे पर रंगीन दिखती है, पर्दे के पीछे की कहानियां उतनी ही रोमांचक होती हैं. ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ की सदाबहार मोहब्बत हो या ‘रॉकस्टार’ का जुनून, ऑडियंस की पसंदीदा फिल्मों से जुड़े कई ऐसे राज हैं, जो आज भी फैंस की पहुंच से दूर हैं. क्या आप जानते हैं कि जिस ‘राज’ के रोल ने शाहरुख खान को सुपरस्टार बनाया, उसके लिए मेकर्स हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज को लेना चाहते थे? या फिर रणबीर कपूर के बालों की वजह से फिल्म क्लाइमैक्स से शूट करनी पड़ी? आज हम आपको बॉलीवुड की कुछ ऐसी ही कल्ट फिल्मों के 8 अनसुने और दिलचस्प किस्सों के बारे में बताएंगे, जिन्हें जानकर आप दंग रह जाएंगे.

शोले: गब्बर सिंह के बिना आज बॉलीवुड अधूरा लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर शुरू में अमजद खान की आवाज से खुश नहीं थे? उन्हें लगा कि अमजद की आवाज एक खूंखार डकैत के हिसाब से बहुत कमजोर है. हालत ये थी कि अमजद खान को फिल्म से हटाने पर भी गंभीरता से विचार होने लगा था. खैर, आज गब्बर की वही आवाज इतिहास बन चुकी है.

मुगल-ए-आजम: के. आसिफ की ‘मुगल-ए-आजम’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का एक जुनून थी. इस फिल्म को पूरी भव्यता के साथ तीन अलग-अलग भाषाओं हिंदी/उर्दू, तमिल और अंग्रेजी में शूट किया गया था. मेकर्स चाहते थे कि इस ऐतिहासिक प्रेम कहानी का जादू दुनिया भर में चले.
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दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे: डीडीएलजे के राज मल्होत्रा के रूप में आज हम शाहरुख खान के अलावा किसी और की कल्पना भी नहीं कर सकते. लेकिन डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा के मन में पहले कुछ और ही खिचड़ी पक रही थी. वो इस कहानी को एक क्रॉस-कल्चरल रोमांस बनाना चाहते थे, जिसमें हीरो एक अमेरिकी लड़का होता. उनके दिमाग में हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज का नाम था. बाद में इस आइडिया को बदला गया और राज को एक एनआरआई बनाकर भारतीय जड़ों से जोड़ा गया.

3 इडियट्स: फिल्म का वो सीन तो आपको याद ही होगा, जब आमिर, माधवन और शरमन नशे में छत पर बैठकर बातें करते हैं. आमिर खान चाहते थे कि ये सीन एकदम असली लगे, इसलिए उन्होंने सलाह दी कि सब सच में शराब पीकर एक्टिंग करें. नतीजा ये हुआ कि तीनों इतने टल्ली हो गए कि शूटिंग के दौरान रील स्टॉक ही खत्म हो गया. जब तक नया स्टॉक आया, तीनों खुद को उसी नशे वाले जोन में रखने के लिए वहीं डटे रहे.

लगान: यह फिल्म सिर्फ अपनी कहानी के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनोखे रिकॉर्ड के लिए भी जानी जाती है. बॉलीवुड के इतिहास में यह पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें सबसे ज्यादा ब्रिटिश कलाकारों ने काम किया था. क्रिकेट और अंग्रेजों के साथ लगान की जंग वाली इस कहानी की मांग ऐसी थी कि दर्जनों कलाकारों को खास तौर पर लंदन से फ्लाइट पकड़कर भारत बुलाना पड़ा. कच्छ की तपती धूप और रेगिस्तान के बीच एक छोटा सा अंतरराष्ट्रीय गांव बस गया था, जिसने फिल्म को एकदम असली लुक दिया.

जिंदगी ना मिलेगी दोबारा: ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर और अभय देओल की इस फिल्म के ‘ला टोमाटिना’ फेस्टिवल वाले सीन को भला कौन भूल सकता है? इस सीन को शूट करने के लिए मेकर्स को काफी पापड़ बेलने पड़े थे. दरअसल, उस समय स्पेन में टमाटर पूरी तरह पके नहीं थे, जिससे चोट लगने का डर था. ऐसे में फिल्म की टीम ने पुर्तगाल से करीब 16 टन पके हुए टमाटर इम्पोर्ट किए थे.

रॉकस्टार: इम्तियाज अली की ‘रॉकस्टार’ में रणबीर कपूर के लुक को लेकर एक बहुत ही दिलचस्प एक्सपेरिमेंट किया गया. फिल्म का क्लाइमैक्स और जॉर्डन के लंबे, बिखरे बालों वाले सीन सबसे पहले शूट किए गए थे. डायरेक्टर नहीं चाहते थे कि रणबीर विग या एक्सटेंशन्स का इस्तेमाल करें. इसलिए पहले रणबीर के असली बाल पूरी तरह बढ़ाए गए, फिल्म का आखिरी हिस्सा शूट हुआ और फिर धीरे-धीरे बाल काटकर शुरुआत के कॉलेज वाले सीन्स फिल्माए गए. इसी वजह से रणबीर का लुक इतना नेचुरल लगा.

दंगल: आमिर खान की ‘दंगल’ ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार चीन में भी ऐसा इतिहास रचा कि दुनिया दंग रह गई. यह फिल्म चीन के बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली नॉन इंग्लिश फिल्म बन गई. वहां के लोगों को यह कहानी इतनी पसंद आई कि फिल्म ने करीब 190 मिलियन डॉलर (1300 करोड़ से ज्यादा) का कारोबार कर डाला. इस कामयाबी ने साबित कर दिया कि अगर कहानी दमदार हो, तो भाषा कभी भी दीवार नहीं बनती.
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