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‘हेरा फेरी’ फ्रेंचाइजी एक बार फिर कानूनी विवाद में फंस गई है. मद्रास हाई कोर्ट ने निर्माता फिरोज नाडियाडवाला से सवाल किया है कि क्या ‘हेरा फेरी 3’ असल में बन रही है. प्रोडक्शन कंपनी सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल ने दावा किया है कि फ्रेंचाइज़ी का कॉपीराइट उनके पास है और नाडियाडवाला को सिर्फ पहली फिल्म का हिंदी रीमेक बनाने की अनुमति थी. कंपनी का आरोप है कि सीक्वल और तीसरे भाग के अधिकार अवैध रूप से बेचे गए.
हेरा फेरी 3 मुश्किलों में है.
नई दिल्ली. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल की अपकमिंग फिल्म हेरा फेरी 3 को लेकर काफी समय से सस्पेंस बना हुआ है. पहले खबरे थीं कि परेश रावल ने अक्षय कुमार से अनबन की वजह से फिल्म छोड़ दी, हालांकि बाद में दोनों के बीच सेटलमेंट हो गया. परेश रावल की फिल्म में वापसी हुई जिससे फैंस के बीच उम्मीद जागी की हेरा फेरी 3 की जल्द ही शूटिंग शुरू होगी, लेकिन अब एक बार फिर फिल्म की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. साउथ के प्रोड्यूसर ने फिरोज नाडियाडवाला की फिल्म के राइट्स पर अपना दावा ठोका है.
मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान निर्माता फिरोज नाडियाडवाला से सीधा सवाल किया कि क्या वास्तव में ‘हेरा फेरी 3’ बन रही है या नहीं. यह सवाल एक प्रोडक्शन कंपनी सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल की याचिका के बाद उठा, जिसने दावा किया है कि ‘हेरा फेरी’ फ्रेंचाइजी का कॉपीराइट उनके पास है, न कि फिरोज नाडियाडवाला के पास है.
कानूनी पचड़े में फंसी हेरा फेरी 3
सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल के मेनेजिंग डायरेक्टर जीपी विजयकुमार ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि साल 2000 में रिलीज हुई ‘हेरा फेरी’ असल में मलयालम फिल्म ‘रामजी राव स्पीकिंग’ (1989) का हिंदी रीमेक थी, जिसे बनाने की अनुमति फिरोज नाडियाडवाला को दी गई थी. उन्हें सिर्फ एक फिल्म बनाने की अनुमति दी गई थी. कंपनी के मुताबिक, इस अनुमति में न तो सीक्वल बनाने का अधिकार शामिल था और न ही किरदारों को आगे इस्तेमाल करने की छूट.
फिरोज नाडियाडवाला ने खरीदे थे सिर्फ पहली फिल्म के राइट्स
इसके बावजूद, नाडियाडवाला ने 2006 में ‘फिर हेरा फेरी’ बना दी और अब कथित तौर पर तीसरे पार्ट के अधिकार अभिनेता अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस को बेच दिए. इसी को लेकर विवाद गहराता चला गया. सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल के मेनेजिंग डायरेक्टर जीपी विजयकुमार का दावा है कि उन्होंने 2022 में ‘रामजी राव स्पीकिंग’ के मूल निर्माता आदित्य फिल्म्स से फ्रेंचाइजी के पूरे अधिकार कानूनी रूप से खरीदे थे.
विजयकुमार के अनुसार, शुरुआत में इस मामले पर इसलिए कार्रवाई नहीं की गई क्योंकि पहली फिल्म प्रियदर्शन ने निर्देशित की थी और उनके साथ व्यक्तिगत संबंध थे. वहीं दूसरी फिल्म के समय कॉपीराइट होल्डर को पूरे मामले की जानकारी नहीं मिल पाई. बाद में जब अधिकारों की जांच हुई तो कथित उल्लंघन और धोखाधड़ी सामने आई.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
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