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अगर आप अपने पार्टनर के साथ वेलेंटाइन वीक को खास बनाना चाहते हैं, तो भीड़भाड़ से दूर अपने पार्टनर के साथ सदाबहार फिल्मों की जादुई दुनिया में खो जाएं, जिसने 90s के किड्स को दीवाना बना दिया था. ये फिल्में न सिर्फ आपको पुराने दिनों की याद दिलाएंगी, बल्कि आपके रिश्ते में रोमांस का नया तड़का भी लगा देंगी.
नई दिल्ली: वेलेंटाइन वीक शुरू हो चुका है और मौसम का मिजाज भी रोमांटिक हो चला है. कपल्स अक्सर बाहर जाने के प्लान बनाते हैं, लेकिन सच तो यह है कि रोमांस का असली मजा घर पर बैठकर पुरानी यादों को ताजा करने में है. अगर आप भी अपने पार्टनर के साथ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो 90 के दशक की वो ‘एवरग्रीन’ फिल्में बेस्ट ऑप्शन हैं, जिन्होंने हमें प्यार करना सिखाया.

1994 की क्लासिक फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ में अनिल कपूर और मनीषा कोइराला हैं. फिल्म में अंग्रेजों के जमाने का स्ट्रगल और उसके बीच पनपता मासूम इश्क दिल जीत लेता है. इस फिल्म के गाने आज भी हमारे कानों में शहद की तरह घुलते हैं. परिवारों की बंदिशें और आजादी की जंग के बीच फिल्म हमें बताती है कि सच्चा प्यार हर मुश्किल से लड़ सकता है.

संजय लीला भंसाली की ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि जज्बातों का सैलाब है. सलमान खान और मनीषा कोइराला के किरदारों में जो ठहराव और त्याग दिखाया गया है, वह आज की फिल्मों में मिलना मुश्किल है. मनीषा का किरदार जो सुन और बोल नहीं सकता, वह संगीत और प्यार के जरिए अपने परिवार और अपने महबूब के बीच का जो रिश्ता बुनता है, वह आंखों में आंसू ला देता है.
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अगर आपको हंसी-मजाक के साथ प्यार पसंद है, तो अजय देवगन और काजोल की ‘प्यार तो होना ही था’ जरूर देखें. हॉलीवुड फिल्म ‘फ्रेंच किस’ से प्रेरित यह फिल्म दिखाती है कि कभी-कभी हम जिसे ढूंढने निकलते हैं, प्यार उसके बजाय सफर में मिलने वाले किसी अजनबी से हो जाता है. फिल्म के गाने ‘अजनबी मुझको इतना बता’ और अजय-काजोल की रियल लाइफ केमिस्ट्री इसे खास बनाती है.

रोमांस के बादशाह शाहरुख खान की बात न हो, तो वेलेंटाइन अधूरा है. यश चोपड़ा की ‘दिल तो पागल है’ आज भी युवाओं की पहली पसंद है. शाहरुख, माधुरी और करिश्मा के बीच का वो लव ट्रायंगल और ‘राहुल, नाम तो सुना होगा’ वाला अंदाज आज भी ताजा महसूस होता है. यह फिल्म हमें विश्वास दिलाती है कि कहीं न कहीं, कोई न कोई हमारे लिए भी बना है.

अब बात करते हैं उस फिल्म की, जो हर घर की फेवरेट है—’हम आपके हैं कौन’. सूरज बड़जात्या की इस फिल्म ने रोमांस को फैमिली फेस्टिवल जैसा बना दिया. सलमान और माधुरी की वो शरारतें, ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ वाले पल और शादी के माहौल में पनपता उनका प्यार हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ले आता है. यह फिल्म रिश्तों और मोहब्बत का सबसे खूबसूरत संगम है.

लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि 90 का दशक तो रोमांस की खान था. अगर आपके पास ज्यादा वक्त है, तो ‘आशिकी’ के टूटे दिल वाले गानों का लुत्फ उठाएं या फिर ‘दिल है कि मानता नहीं’ में आमिर खान और पूजा भट्ट की क्यूट नोकझोंक देखें. ‘साजन’ के दो प्रेमियों और एक शायर की कहानी भी आपके शाम को बेहद हसीन बना सकती है.

‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘परदेस’ और ‘प्यार किया तो डरना क्या’ जैसी फिल्में भी आपको उस सुनहरे दौर की याद दिलाएंगी, जब प्यार का इजहार करने के लिए सिर्फ एक चिट्ठी या एक नजर ही काफी होती थी. ये फिल्में हमें सिखाती हैं कि प्यार चाहे कितना भी पुराना हो जाए, उसकी मिठास कभी कम नहीं होती.
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