Last Updated:
महेश भट्ट की फिल्म ‘आशिकी’ से रातों-रात सुपरस्टार बने राहुल रॉय ने अपने शुरुआती करियर में एक बड़ी गलती की थी. स्टारडम के दबाव में उन्होंने मात्र 11 दिनों में 47 फिल्में साइन कर लीं, जिनमें से ज्यादातर बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं. इस जल्दबाजी ने उनके चमकते करियर को ढलान पर ला दिया. लगातार फ्लॉप फिल्मों और बिगड़ती सेहत के कारण वे मैनस्ट्रीम सिनेमा से दूर होते गए. हालांकि उन्होंने ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीता, लेकिन पुराना स्टारडम वापस नहीं मिला.
राहुल रॉय को महेश भट्ट ने लॉन्च किया था. (ians)
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के इतिहास में राहुल रॉय एक ऐसे सितारे के रूप में उभरे, जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म ‘आशिकी’ (1990) से रातों-रात वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसे पाने में दशकों लग जाते हैं. महेश भट्ट के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने उन्हें ‘लवरबॉय’ की इमेज और एक खास हेयरस्टाइल दिया, जिसका जादू फीमेल फैंस के सिर चढ़कर बोला. महज 30 हजार रुपये की फीस से करियर शुरू करने वाले राहुल का क्रेज उस दौर में इतना था कि उनकी तुलना खान तिकड़ी (सलमान, शाहरुख और आमिर) से होने लगी थी. फिल्म के गानों ने संगीत की दुनिया में बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और सिनेमाघरों में यह फिल्म लगातार छह महीनों तक हाउसफुल रही.
सफलता के इसी नशे और बढ़ते स्टारडम के बीच राहुल रॉय ने अपने करियर की सबसे बड़ी गलती कर दी, जिसने उनके सुनहरे भविष्य की दिशा बदल दी. ‘आशिकी’ की ब्लॉकबस्टर कामयाबी के बाद उन पर फिल्म निर्माताओं का ऐसा दबाव बढ़ा कि उन्होंने बिना सोचे-समझे मात्र 11 दिनों के भीतर 47 फिल्में साइन कर लीं. इतनी बड़ी संख्या में फिल्में साइन करना उनके लिए आत्मघाती साबित हुआ. वे न तो किरदारों के साथ न्याय कर पाए और न ही फिल्मों की गुणवत्ता पर ध्यान दे सके. नतीजा यह हुआ कि उनकी बैक-टू-बैक फिल्में जैसे ‘गजब तमाशा’, ‘सपने साजन के’ और ‘गुमराह’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गईं और एक हिट के बाद फ्लॉप फिल्मों की लंबी कतार लग गई.
चॉकलेटी चेहरे ने दिलाई पहचान
राहुल रॉय की लोकप्रियता का ग्राफ जितनी तेजी से ऊपर चढ़ा था, उतनी ही नाटकीयता के साथ वह नीचे भी गिरा. उनके चॉकलेटी चेहरे और स्टाइलिश लुक ने उन्हें पहचान तो दिलाई, लेकिन समीक्षकों का मानना था कि उनमें अकेले दम पर फिल्म खींचने वाले दमदार अभिनय की कमी थी. जैसे-जैसे फिल्में फ्लॉप होती गईं, बड़े बैनर्स ने उनसे दूरी बना ली और वे धीरे-धीरे मुख्यधारा के सिनेमा से गायब होते गए. अभिनय के अलावा उनकी निजी जिंदगी में बीमारियों के दौर ने भी काफी मुश्किलें पैदा कीं. साल 2020 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके बाद वे लंबे समय तक अस्पताल में रहे और उन्हें शारीरिक व आर्थिक रूप से कड़ा संघर्ष करना पड़ा.
1 गलत कदम ले डूबा करियर
आज राहुल रॉय की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है. कभी बॉलीवुड पर राज करने वाला यह अभिनेता अब छोटे बजट की फिल्मों और क्षेत्रीय सिनेमा में काम करके अपना गुजारा कर रहा है. हालांकि उन्होंने ‘बिग बॉस’ के पहले सीजन का विजेता बनकर वापसी की कोशिश की थी, लेकिन वह उनके करियर को पुरानी ऊंचाइयों पर नहीं ले जा सका. फिलहाल, वे शादियों और निजी कार्यक्रमों में शिरकत करके अपनी आजीविका चला रहे हैं. पिछले साल अक्टूबर में उनकी फिल्म ‘अगर’ रिलीज हुई थी, लेकिन अब उनका ध्यान बड़े स्टारडम के बजाय स्वास्थ्य और सामान्य जीवन पर अधिक है. राहुल रॉय की कहानी बॉलीवुड के उन सितारों की याद दिलाती है जिनकी एक गलत रणनीति ने उनके पूरे करियर को अर्श से फर्श पर ला दिया.
About the Author

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
![]()











