आगरा के थाना सिकंदरा के शास्त्रीपुरम क्षेत्र में शनिवार रात सूर्या ऑयल मिल के संचालक विश्वजीत सिंह रजावत (23) ने परिजन से वीडियो कॉल पर बात करने के बाद खुद को तमंचे से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनका शव बंद कार में मिला। परिजनों ने बताया कि वह काफी समय से अवसाद में थे और पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुके थे। उनका निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था। आत्महत्या से पहले कॉल कर कहा था कि अब जीने का मन नहीं है।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि शनिवार रात 8:35 बजे पुलिस को शास्त्रीपुरम क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पास कार के अंदर युवक के गोली मारने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कार अंदर से बंद थी। सूचना पर कुछ ही देर में युवक के पिता अमर रजावत और अन्य परिजन पहुंच गए। कार का पिछला शीशा तोड़कर लॉक खोला गया। ड्राइविंग सीट पर विश्वजीत लहूलुहान स्थिति में पड़े थे और हाथ में 315 बोर का तमंचा था।
परिजन तुरंत विश्वजीत को निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कार के अंदर पुलिस को तमंचा, 9 एमएम की देसी पिस्टल, कारतूस, मोबाइल, लिफाफे में 9,700 रुपये, शराब की बाेतल, दवाइयां और अन्य दस्तावेज मिले। पुलिस ने मृतक पर अवैध हथियार रखने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
परिजनों के अनुसार विश्वजीत को पिता से गहरा लगाव था। वह शराब नहीं पीता था लेकिन पिता के लिए बोतल खरीदकर लाया था। आत्महत्या से पहले विश्वजीत ने जब ग्रुप वीडियो कॉल की तो मां रजनी देवी, दोनों भाई अभय प्रताप सिंह, सूर्य प्रताप सिंह और पिता अमर रजावत जुड़ गए थे। उस समय पिता अपने ऑफिस में थे। बात करने के दौरान विश्वजीत ने पिता को आई लव यू बोलते हुए कहा कि अब जीने का मन नहीं करता। इसके बाद कॉल कट गई तो परिजन चिंतित हो गए। फिर पुलिस से घटना की जानकारी मिली।
पड़ोसियों ने बताया कि बीते साल 27 जुलाई को उसने दो मंजिला घर की छत से कूदकर जान देने का प्रयास किया था। एक बार रेलवे ट्रैक पर लेटकर जान देने की कोशिश की थी लेकिन राहगीरों ने बचा लिया था। विश्वजीत की अभी शादी नहीं हुई थी।
विश्वजीत ने मरने से पहले अपने हर खास परिचित से बात की थी। पोस्टमार्टम हाउस पर आए रिश्तेदार और दोस्त यही चर्चा कर रहे थे। सभी का कहना था कि शनिवार को उनके पास विश्वजीत की कॉल आई थी। उसने बहुत अच्छे से बात की थी। ऐसा लग नहीं रहा था कि उसे कोई परेशानी है। मौत की सूचना से सभी हतप्रभ थे।