नई दिल्ली. फिल्म सनम (1993) का ‘आंखों में नीदें ना दिल में करार’ 90 के दशक के उन गानों में से एक है, जो रिलीज होते ही हर आशिक की जुबान पर चढ़ गया था. विवेक मुशरान और मनीषा कोइराला पर फिल्माया गया यह गाना उस दौर में हर रेडियो और टेप रिकॉर्डर की शान हुआ करता था. इस गाने की सबसे बड़ी ताकत नदीम-श्रवण का जादुई संगीत है, जिन्होंने उस दौर में मेलोडी को एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया था. कुमार सानू और अलका याग्निक की आवाज ने इस गाने में जो इमोशन भरे हैं, वो आज के दौर के गानों में मिलना मुश्किल है. समीर के लिखे बोल ‘आंखों में नींदें ना दिल में करार, मोहब्बत भी क्या चीज है मेरे यार’ प्यार की उस शुरुआती बेचैनी को इतनी खूबसूरती से बताते हैं कि आज भी युवा इसे खुद से जोड़ पाते हैं. मनीषा कोइराला की सादगी और विवेक मुशरान के साथ उनकी केमिस्ट्री इस गाने को विजुअली भी बहुत प्यारा बनाती है. यह गाना आज भी 90s किड्स के लिए एक इमोशन की तरह है.
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