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आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला विवादों में घिर गया है. कोलंबो में खेले जाने वाले इस मैच को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की अनुमति के बाद हरी झंडी मिल गई है, लेकिन देश में इसका विरोध तेज हो गया है. फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के साथ खेलना शहीद सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाओं के खिलाफ है. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है.
अशोक पंडित
नई दिल्ली. आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है. 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में प्रस्तावित यह मैच तय कार्यक्रम और समय के अनुसार ही खेला जाएगा. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पहले इस मुकाबले को लेकर असमंजस की स्थिति बनाई थी, लेकिन अब यू-टर्न लेते हुए भारत के खिलाफ खेलने की अनुमति दे दी है. इसके बाद आईसीसी ने भी आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट कर दी. हालांकि, मैदान पर मुकाबला तय होने के साथ ही देश के भीतर इस फैसले को लेकर बहस और विरोध तेज हो गया है.
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हमेशा से भावनाओं से जुड़ा रहा है. एक तरफ जहां करोड़ों क्रिकेट फैंस इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समाज के कई वर्ग इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं. इस विरोध की अगुवाई फिल्म निर्माता अशोक पंडित करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने इस मैच को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि ऐसे देश के साथ क्रिकेट खेलना सही नहीं है, जिस पर बार-बार आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं.
अशोक पंडित ने जाहिर किया गुस्सा
अशोक पंडित ने एएनआई से बात करते हुए नाराजगी जताई.
एक्टर ने पाकिस्तान को बताया आतंकवादी देश
अशोक पंडित का कहना है कि पाकिस्तान के साथ मैच खेलना उन परिवारों की भावनाओं के खिलाफ है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने बेटे, पति और भाइयों को खोया है. उनके मुताबिक वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान के साथ खेलना एक गलत संदेश देता है और यह उन शहीदों के बलिदान को नजरअंदाज करने जैसा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के रिश्ते के पक्ष में नहीं हैं चाहे वो खेल हो, व्यापार हो या कोई और सहयोग.
‘भारतीयों के भावनाओं का अपमान’
फिल्म निर्माता ने यह भी कहा कि भारत को ऐसे देश के साथ सामान्य रिश्तों का संकेत नहीं देना चाहिए, जो शांति के रास्ते पर चलने को तैयार नहीं है. उनके अनुसार, जब तक पाकिस्तान अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करता, तब तक किसी भी स्तर पर संबंध बनाए रखना गलत है. 15 फरवरी को होने वाले इस मैच को लेकर उन्होंने यह तक कहा कि यह देश की रक्षा में शहीद हुए सैनिकों और उनके परिवारों के लिए अपमानजनक है.
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर दो राय देखने को मिल रही है. कई यूजर्स अशोक पंडित के विचारों से सहमति जताते हुए मैच के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग यह तर्क दे रहे हैं कि खेल को राजनीति और विवादों से अलग रखा जाना चाहिए. कुल मिलाकर, भारत-पाकिस्तान मैच भले ही तय समय पर खेला जाना हो, लेकिन इससे जुड़ा विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
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