Last Updated:
खूबसूरत मुस्कान वाली हीरोइन साउथ सिनेमा की उभरती हुई स्टार थी, लेकिन उनकी जिंदगी असफल प्रेम की त्रासदी बनकर रह गई. एक्ट्रेस प्रत्यूषा ने महज 5 साल में 12 फिल्मों में काम किया था. करियर के टॉप रहते हुए उन्होंने ऐसा कदम उठाया, जिसकी वजह से उनके ब्वॉयफ्रेंड को 22 साल बाद जेल जाना है. कोर्ट ने उन्हें 4 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है.
नई दिल्ली: तेलंगाना में जन्मी खूबसूरत हीरोइन की जिंदगी किसी ट्रेजेडी से कम नहीं हैं. एक्ट्रेस प्रत्यूषा ने बचपन में ही पिता को खो दिया था. उनकी परवरिश उनकी मां ने की. वे हैदराबाद में एक टीवी रियलिटी शो के दौरान ‘मिस लवली स्माइल’ का खिताब जीतने के बाद सुर्खियों में आई थीं, जिससे उनके लिए ग्लैमर की दुनिया के रास्ते खुल गए.

प्रत्यूषा ने 18 साल की उम्र में तेलुगू सुपरस्टार मोहन बाबू के साथ अपने करियर की शुरुआत की. खास बात यह थी कि उनकी पहली फिल्म को खुद रजनीकांत ने लॉन्च किया था. पहली ही फिल्म से वे इतनी पॉपुलर हुईं कि उन्हें तुरंत कई और फिल्मों के ऑफर मिल गए.

तेलुगू फिल्मों के बाद प्रत्यूषा ने तमिल सिनेमा का रुख किया. फिल्म ‘मनु नीति’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. इसके बाद, उन्होंने प्रभु और विजयकांत जैसे बड़े सितारों के साथ काम करके अपनी जगह पक्की कर ली.
Add News18 as
Preferred Source on Google

20 साल की उम्र तक प्रत्यूषा एक काफी बिजी और सफल अभिनेत्री बन चुकी थीं. उन्होंने महज 5 साल के छोटे से करियर में 12 फिल्में दीं, जिनमें से ज्यादातर हिट रहीं. वे उस दौर में कई भाषाओं के फिल्ममेकर्स की पहली पसंद थीं.

प्रत्यूषा की जिंदगी में बड़ा टर्निंग प्वॉइंट तब आया, जब वे सिद्धार्थ रेड्डी से मिलीं, जिनके साथ उनका रिश्ता करीब छह साल चला. प्रत्यूषा का परिवार उनकी शादी को राजी था, लेकिन सिद्धार्थ के घरवाले इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे. इसी पारिवारिक विरोध ने इस लव स्टोरी को एक दर्दनाक मोड़ दे दिया. प्रत्यूषा के जीवन की कहानी फिल्म ‘पुन्नागई मन्नन’ की कहानी से मिलती-जुलती थी, जिसमें एक कपल आत्महत्या की कोशिश करता है और सिर्फ मर्द ही बच पाता है. प्रत्युषा के मामले में भी, उनका साथी बच गया.

दोनों ने 23 फरवरी 2002 को समाज और परिवार के दबाव में आकर साथ जान देने का फैसला किया. उन्होंने कोका-कोला में कीटनाशक मिलाकर पी लिया. हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बदकिस्मती से 22 साल की प्रत्यूषा की मौत हो गई, जबकि सिद्धार्थ बच गया.

प्रत्यूषा की मौत के बाद काफी विवाद हुआ. मां ने इसे हत्या बताया और शुरुआती फॉरेंसिक रिपोर्ट में गला दबाने की बात भी उठाई. हालांकि, अंतिम रिपोर्ट में मौत की वजह ‘जहर’ ही मानी गई. सुप्रीम कोर्ट ने अब दोषी जी सिद्धार्थ रेड्डी को 4 हफ्तों के अंदर सरेंडर करने को कहा है. उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया.

प्रत्यूषा की मौत ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था. उनकी कहानी उन तमाम कलाकारों की याद दिलाती है जो पर्दे पर तो चमकते हैं, लेकिन निजी जिंदगी के इमोशनल दबाव सहन नहीं कर पाते. सफलता के शिखर पर रहते हुए उनका इस तरह जाना आज भी दुखदाई लगता है. प्रत्यूषा के जीवन की कहानी फिल्म ‘पुन्नागई मन्नन’ की कहानी से मिलती-जुलती थी, जिसमें एक कपल आत्महत्या की कोशिश करता है और सिर्फ मर्द ही बच पाता है. प्रत्युषा के मामले में भी, उनका साथी बच गया.
![]()











