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Jaipur Viral Video : जयपुर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक युवक कथित तौर पर छोटे बच्चे को सिगरेट और बीयर देता दिखाई दे रहा है. वीडियो में बाइक का नंबर भी साफ नजर आ रहा है, जिसके आधार पर लोगों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है. बाल अधिकारों और कानून के तहत नाबालिग को नशीले पदार्थ देना गंभीर अपराध है. मामले को लेकर सोशल मीडिया पर रोष है और जांच की मांग उठ रही है.
जयपुर. सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक एक छोटे बच्चे को सिगरेट और बीयर पिलाते हुए नजर आ रहा है. यह वीडियो समाज की गिरती संवेदनशीलता को उजागर करता है और एक मासूम की जिंदगी के साथ खिलवाड़ की गंभीर तस्वीर दिखा रही है. वीडियो में मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट एकदम साफ दिखाई दे रही है, जिसके आधार पर लोगों ने कार्रवाई की मांग की है.
वीडियो की शुरुआत में युवक सड़क किनारे मोटरसाइकिल पर बैठा दिखाई देता है. उसके पास लगभग 4 से 5 वर्ष का एक बच्चा खड़ा है. युवक बच्चे को सिगरेट देता है और उसे सुलगाने में मदद करता है. बच्चा सिगरेट मुंह में लगाकर धुआं छोड़ता नजर आता है. इसके बाद युवक बीयर की कैन खोलकर बच्चे को पकड़ा देता है. बच्चा कैन से घूंट भरता है, जबकि युवक स्वयं भी पीते हुए हंसता दिखाई देता है. पीछे खेत और सड़क है.
स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर
विशेषज्ञों के अनुसार कम उम्र में नशीले पदार्थों के संपर्क में आने से बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. सिगरेट और शराब जैसी चीजें तत्काल स्वास्थ्य नुकसान के साथ साथ भविष्य में खराब चीजों की लत का कारण बन सकती हैं. इससे पढ़ाई, जीवन और मानसिक संतुलन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है. ऐसे कारनामें न केवल गैरजिम्मेदाराना हैं बल्कि कानूनन अपराध की श्रेणी में भी आते हैं.
सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कई यूजर्स ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि नाबालिग को नशीले पदार्थ देना गंभीर अपराध है और दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए. मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है.
कानूनी कार्रवाई और जागरूकता की जरूरत
बाल संरक्षण कानूनों के तहत नाबालिग को नशीले पदार्थ उपलब्ध कराना दंडनीय अपराध है. ऐसे मामलों में जल्दी से जल्दी जांच और कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके. साथ ही समाज को भी जागरूक होना होगा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता या मनोरंजन के नाम पर किसी बच्चे के जीवन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न किया जाए.
About the Author

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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