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Mammootty Superhit Movie : बॉलीवुड में ऐसा कई बार हुआ है कि एक ही रात में फिल्म की स्क्रिप्ट फाइनल हुई और जब मूवी बनकर तैयार हुई तो सुपरहिट निकली. ऐसा ही कुछ मलयालम सिनेमा में भी हुआ था. फिल्म की स्क्रिप्ट सिर्फ 60 घंटे में लिखी थी. वो भी शूटिंग शुरू होने के ठीक पांच दिन पहले. ढाई दिन में राइटर ने स्क्रिप्ट कंप्लीट की. ढाई दिन तक राइटर सोया ही नहीं. जब यह मूवी रिलीज हुई मैसिव हिट साबित हुई. इस फिल्म की सराहना गीतकार गुलजार ने भी की थी. दिलचस्प बात यह है कि गुलजार की 1977 की फिल्म से इंस्पायर्ड होकर यह मूवी बनाई गई थी. यह फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं.
मलयालम सिनेमा में एक से बढ़कर एक आइकॉनिक राइटर-डायरेक्टर हुए हैं. ठीक सलीम-जावेद की तरह. ऐसी ही एक जोड़ी डेनिस जोसेफ-जोशी की रही जिसे सबसे आइकॉनिक माना जाता है. दोनों ने निराकुट्टू, आयराम कन्नूकल, तांथ्रम, संघम, नायर साब जैसी सुपरहिट फिल्में बनाई हैं. एक फिल्म की स्टोरी तो महज ढाई दिन में लिखी गई थी. ऐसा क्यों हुआ, इसका किस्सा भी दिलचस्प है. दरअसल, फिल्म की शूटिंग शुरू होने वाली थी लेकिन स्क्रिप्ट तैयार ही नहीं हुई. हम बात कर रहे हैं ममूटी-नादिया मोइदु की फिल्म ‘श्यामा’ की जो कि 23 जनवरी 1986 में रिलीज हुई थी.

यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी जिसमें ममूटी-नादिया मोइदु लीड रोल में थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मैसिव हिट रही. इस फिल्म से राइटर डेनिस की धाक मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में जम गई. ‘श्यामा’ फिल्म की स्टोरी सिर्फ ढाई दिन में लिखी गई थी. फिल्म की शूटिंग शुरू होने के पांच दिन पहले जोशी और ज्वॉय ने डेनिस जोसेफ से संपर्क किया और कहा कि वे फिल्म को पोस्टपोन करने जा रहे हैं. जोशी ने डेनिस से फिल्म की उस स्टोरी को डेवलप करने को कहा जो उन्होंने ‘निराकुट्टू’ फिल्म की शूटिंग के दौरान सुनाई थी. डेनिस पहले तो खुश हुए लेकिन जब उन्हें पता चला कि फिल्म की शूटिंग सिर्फ 5 दिन में शुरू होने वाली है तो वो हैरान रह गए. पहले तो उन्होंने अपने वादे से मुकरने का मन बनाया फिर प्रोड्यूसर-डायरेक्टर के दबाव के चलते वो स्क्रीनप्ले लिखने के लिए तैयार हो गए.

सफारी टीवी के एक प्रोग्राम में डेनिस ने पूरा किस्सा सुनाया था. उन्होंने बताया था कि कैसे उन्होंने सिर्फ ढाई दिन में स्क्रिप्ट लिखी. फिल्म की शूटिंग शुरू होने के ठीक एक दिन पहले. जोशी ने उनसे ममूटी के साथ कोडाईकनल लोकेशन पर आने को कहा था. जब डेनिस ने कहा कि अभी तो सिर्फ एक ही लाइन लिखी है तो जोशी ने कहा कि चिंता की बात नहीं. यह पहला दिन है, कल तक आप अपनी स्क्रिप्ट लिख लेना.
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डेनिस ने अपने इंटरव्यू में बताया था, ‘मैंने सीन बताए और जोशी के असिस्टेंट ने स्क्रिप्ट लिखी. मैंने बिना सोए ढाई दिन में बिना सोए स्क्रिप्ट कंप्लीट की और श्यामा फिल्म की स्टोरी लिखी. यह मूवी सुपरहिट निकली. इसे तेलुगू, कन्नड़ और तमिल में भी बनाया गया.’

श्यामा फिल्म का म्यूजिक रघु कुमार ने कंपोज किया था. गीत शिबू चक्रवर्ती ने ट्रेन में यात्रा के दौरान लिखे थे. फिल्म के सभी गाने चार्टबस्टर साबित हुए. फिल्म को खूब सराहा गया. इस मूवी ने डायरेक्टर जोशी का करियर चमका दिया. इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर हिट फिल्में दीं. जोशी ने ज्यादातर मसाला फिल्में बनाई. उनकी डेब्यू फिल्म ‘टाइगर सलीम’ थी. शुरुआत में उनकी 8 फिल्में फ्लॉप रहीं. उनकी गिनती इंडस्ट्री के सबसे खराब निर्देशकों में होने लगी थी.

श्यामा फिल्म का प्रिव्यू चेन्नई में रखा गया था. डेनिस ने प्रिव्यू में लीजेंड फिल्ममेकर केजी जॉर्ज को बुलाया था. केजी जॉर्ज से उनकी मुलाकात ट्रेन में हुई थी. केजी जॉर्ज ने जब फिल्म देखी तो उन्हें बहुत अच्छी लगी. केजी जॉर्ज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मुझे लगा कि तुम एक खराब डायरेक्टर हो लेकिन श्यामा मूवी देखकर मेरी धारणा बदल गई.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि श्यामा फिल्म की तारीफ गीतकार गुलजार ने भी की थी. डेनिस की जब उनसे मुलाकात हुई तो उन्होंने श्यामा फिल्म की प्रशंसा की. डेनिस ने अपने एक इंटरव्यू में इस मुलाकात का रोचक किस्सा बताया था.

डेनिस ने बताया था, ‘जब गीतकार गुलजार ने फिल्म की तारीफ की तो मुझे लगा कि वो मेरा मजाक उड़ा रहे हैं लेकिन जल्द ही भरोसा हुआ कि वो सीरियस हैं. शर्मिंदगी के साथ मैंने स्वीकार किया कि यह फिल्म मैंने उनकी 1977 की फिल्म किनारा से इंस्पायर्ड होकर बनाई है. गुलजार ने जब यह बात सुनी तो वो हैरान रह गए. उन्होंने कहा कि श्यामा ‘किनारा’ से भी बेहतर है. हालांकि मैं उनकी बात से सहमत नहीं.’ किराना फिल्म में जीतेंद्र, हेमा मालिनी और धर्मेंद्र लीड रोल में नजर आए थे.
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