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आमिर खान और सनी देओल की फिल्म को लेकर एक बहुत बड़ी खबर आ रही है. अगले साल इंडिपेंडेंस डे पर रिलीज होने वाली राजकुमार संतोषी की इस फिल्म का नाम बदला जा सकता है. चर्चा है कि अब ‘लाहौर 1947’ की जगह इसका नाम ‘बंटवारा 1947’ रखा जाएगा. मेकर्स का मानना है कि नया नाम विभाजन की उस बड़ी त्रासदी और जज्बात को ज्यादा गहराई से दिखाता है. देखते हैं कि क्या यह नाम फिल्म के लिए ‘गदर’ जैसा कमाल कर पाएगा.
पिछले हफ्ते लिया गया लाहौर 1947 फिल्म का नाम बदलने का फैसला.
नई दिल्ली. आमिर खान और सनी देओल की मच-अवेटेड पीरियड ड्रामा फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. अगले स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज होने वाली इस फिल्म को लेकर चर्चा है कि मेकर्स ऐन वक्त पर इसका नाम बदलने की तैयारी कर रहे हैं. राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को पहले ‘लाहौर 1947’ कहा जा रहा था, लेकिन अब खबर है कि इसका नाम बदलकर ‘बंटवारा 1947’ रखा जा सकता है.
कई सालों से फिल्म पर हो रही थी चर्चा
सनी देओल ने हाल ही में जूम को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि आखिर ‘लाहौर 1947’ (अब संभावित नाम ‘बंटवारा 1947’) की शुरुआत कैसे हुई. सनी ने खुलासा किया कि यह कोई नया प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि वह और डायरेक्टर राजकुमार संतोषी सालों से इस विषय पर चर्चा कर रहे थे, लेकिन बात बन नहीं पा रही थी.
आमिर खान ने जाहिर की प्रोड्यूस करने की इच्छा
सनी ने आगे कहा, ‘सच कहूं तो ‘गदर 2′ की बंपर सफलता के बाद ही इस फिल्म को हकीकत में बदलना मुमकिन हो पाया. फिर आमिर खान खुद मेरे पास आए और उन्होंने इस प्रोजेक्ट को प्रोड्यूस करने की इच्छा जताई. उनके जुड़ते ही मेरे लिए सब कुछ आसान हो गया और मैंने तुरंत हां कर दी.’
दिल छू लेने वाला है फिल्म सब्जेक्ट
फिल्म के बारे में बात करते हुए सनी काफी इमोशनल नजर आए. उन्होंने कहा, ‘फिल्म का विषय दिल को छू लेने वाला है. मैंने और राजकुमार संतोषी ने पहले भी तीन बड़ी फिल्में ‘घायल’, ‘घातक’ और ‘दामिनी’ दी हैं और इस फिल्म में भी किरदारों की गहराई और वो पुरानी इंटेंसिटी नजर आएगी. यह फिल्म एक मशहूर नाटक पर आधारित है और हमारी कोशिश इसे जल्द से जल्द दर्शकों के बीच लाने की है.’
क्या है फिल्म की कहानी?
असगर वजाहत के मशहूर नाटक ‘जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्याई नई’ पर आधारित यह फिल्म विभाजन के दर्द और मानवीय रिश्तों की एक अनोखी कहानी है. फिल्म की कहानी एक मुस्लिम परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बंटवारे के वक्त लखनऊ छोड़कर लाहौर जाकर बस जाता है. वहां उन्हें रहने के लिए एक ऐसी हवेली दी जाती है, जिसे एक हिंदू परिवार खाली करके जा चुका था. कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब इस मुस्लिम परिवार को पता चलता है कि उस हवेली का हिंदू परिवार अभी भी वहीं रह रहा है और अपनी पुश्तैनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं है. इसके बाद जो ड्रामा और जज्बातों का सैलाब उमड़ता है, वही इस फिल्म की जान है.
फिल्म की स्टारकास्ट
बताते चलें कि इस पीरियड ड्रामा फिल्म के जरिए सनी देओल और प्रीति जिंटा की जोड़ी लंबे समय बाद पर्दे पर वापसी कर रही है. उनके साथ फिल्म में शबाना आजमी, अली फजल और करण देओल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. चर्चा है कि यह फिल्म इसी साल सिनेमाघरों में धमाका करने के लिए तैयार है.
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साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें
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