छह वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में जेल गए ट्यूशन शिक्षक को न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है। साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए न्यायालय ने यह निर्णय दिया है।
दरअसल 16 अक्तूबर 2024 को कक्षा दो की छात्रा गांव में ही ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी। परिजनों के अनुसार, छात्रा ने घर आकर बताया कि ट्यूशन शिक्षक ने उसके साथ अश्लील हरकत की है। पुलिस ने छात्रा के दादा की तहरीर पर शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। दूसरे दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने छात्रा का चिकित्सकीय परीक्षण कराया था तथा बयान भी दर्ज किए गए थे। पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मामला ट्रायल पर न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो-प्रथम में पहुंचा। विचारण के दौरान सामने आया कि शिक्षक ने होमवर्क न करने पर बच्ची को डांटा था। अभियोजन पक्ष ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे आरोप सिद्ध हो सके। 6 मार्च को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी ट्यूशन शिक्षक को दोष मुक्त करते हुए रिहा करने के आदेश दिए।










