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वेब सीरीज ‘पंचायत’ को ऑडियंस ने खूब पसंद किया. ऑडियंस के इंटरेस्ट को देखते हुए मेकर्स ने इसके 4 सीजन बना दिए और अब 5वें सीजन का ऑडियंस बेसब्री से इंतजार कर रही है. पहले सीजन से शुरू हुई ग्राम प्रधान और सचिव की जुगलबंदी चौथे सीजन तक आते-आते विधायक और सांसद तक पहुंच गई है.
‘पंचायत’ की पॉपुलैरिटी को देखते हुए कई अन्य फिल्ममेकर्स ने ग्रामीण परिवेश में बनी फिल्मों और सीरीज को बनाना शुरू किया. हाल में रिलीज हुई ‘मिट्टीः एक नई पहचान’ को भी खूब पसंद किया गया. इसकी आईएमडीबी रेटिंग 8.4 है. वहीं ‘सरपंच साहब’ की आईएमडीबी रेटिंग 9 है. ‘दुपहिया’ को भी ऑडियंस ने खूब पसंद किया. यहां हम आपको ग्रामीण परिवेश में बनी एक और वेब सीरीज के बारे में बताने जा रहे हैं. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

इस सीरीज में गांव की खेती-बाड़ी और जमीन विवाद से जुड़ी समस्याओं को दिखाया गया है. इसे देखते हुए आपकी हंसी नहीं रोकेगी. यह सीरीज आपको इमोशनल भी करती है. 6 एपिसोड वाली इस सीरीज में एक्ट्रेस सुहासिनी मणिरत्नम है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

सीरीज का नाम ‘जय महेंद्रन’ है. सुहासिनी, दिग्गज डायरेक्टर मणिरत्नम की पत्नी हैं. वह बेहतरीन एक्ट्रेस भी हैं. सीरीज में उन्होंने तहसीलदार शोभा का किरदार निभाया है. लेकिन उनकी एंट्री दूसरे एपिसोड से होती है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

‘जय महेंद्रन’ में लीड रोल सैजु कुरुप ने निभाया है. सैजु ने फिल्म में उप-तहसीलदार जय महेंद्रन का किरदार निभाया है. सीरीज के नाम से ही पता चलता है कि इसकी कहानी महेंद्रन के आसपास ही घूमती है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

ऑरिजनली मलयालम में बनी ‘जय महेंद्रन’ पिछले साल अक्टूबर में सोनी लिव पर रिलीज हुई थी. इसे हिंदी समेत अन्य कई भारतीय भाषाओं में देख सकते हैं. जय महेंद्रन को श्रीकांत मोहन ने डायरेक्ट किया है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

‘जय महेंद्रन’ की शुरुआत गांव के विवाद से होती है. फिर उप तहसीलदार जयमहेंद्र उस विवाद को बड़ी चालाकी से सुलझाता है. पूरा गांव उसकी चालाकी और समझदारी देखकर हैरान होता है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

महेंद्रन अपना काम निकलवाने में माहिर है. कई बार लोगों की मदद करता है. महेंद्रन की तहसीलदार ऑफिस में ही नहीं, पूरे तालुका में पॉपुलैरिटी है. बता दें, कई गांव कों मिलाकर एक तालुका बनता है. जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों के लिए तालुका के लोग तहसील ऑफिस जाते हैं. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

जय महेंद्रन काम तो करता है, लेकिन बहुत ही बेफिक्री और टालम टाली के साथ काम करता है, जैसे एक सरकारी ऑफिस में होता है. फिर नई तहसीलदार शोभा के तौर पर सुहासिनी रत्नम की एंट्री होती है. शोभा ईमानदार और समय की पाबंद होती है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

शोभा महेंद्रन की बेफिक्री, आने-जाने के टाइम और काम करने के तरीके पर सवाल उठाती है. इस बीच एक ऐसा केस होता है, जो कहानी में ट्विस्ट लाती है. दरअसल, महेंद्रन के पास एक ऐसा केस आता है, जिसपर वह मानवीय पहलुओं को सोचकर काम करता है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

महेंद्रन पर यह काम भारी पड़ता है. एक गरीब आदमी की मदद करने के लिए बंजर जमीन अलॉट कर देता है. इसके लिए वह तहसीलदार से झूठ बोलता है और उसकी मंजूरी ले लेता है. फिर मामला उलझ जाता है. सीरीज का क्लाइमैक्स चौंका देता है. सीरीज की की आईएमडीबी रेटिंग 6.7 है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियो ग्रैब)
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